न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 10 सितंबर रूपनारायणपुर। हिंदुस्तान केबल्स की 947 एकड़ जमीन पर नए उद्योग की संभावनाओं को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों की टीम ने अचानक हिंदुस्तान केबल्स परिसर पहुंचकर जमीन और उससे जुड़े रिकॉर्ड की विस्तृत पड़ताल की। लगातार हो रहे निरीक्षण से क्षेत्र में जल्द किसी बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट के आने की चर्चा को और बल मिला है।प्रतिनिधिमंडल में राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव, सीनियर डिप्टी सेक्रेटरी पुष्पेन चटर्जी, एसडीएलआरओ आसनसोल मोहम्मद जमान विश्वास, सालानपुर बीडीओ देबांजन विश्वास, जॉइंट बीडीओ सौरभ कुमार तथा बीएलएलआरओ सुमन सरकार शामिल थे। टीम करीब दोपहर साढ़े 12 बजे केबल्स कार्यालय पहुंची और अधिकारी आरएन ओझा के चेंबर में जमीन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अतिक्रमण की स्थिति, उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी, आवासीय इलाकों में बिजली कनेक्शन, सड़क किनारे संचालित दुकानों के दस्तावेज तथा जमीन के इस्तेमाल से जुड़े अन्य रिकॉर्ड की जानकारी ली। केबल्स प्रबंधन की ओर से अधिकारियों को बताया गया कि कारखाना बंद होने के बाद विभिन्न बाजारों, आवासों और दुकानों को दिए गए बिजली कनेक्शन के लिए प्रबंधन की ओर से कोई एनओसी जारी नहीं की गई है।अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन और विद्युत वितरण कंपनी को पूर्व में भेजे गए पत्रों की भी समीक्षा हुई। बैठक में सीएलडब्ल्यू से ली गई 108 एकड़ जमीन का मुद्दा भी सामने आया।सूत्रों के अनुसार, केंद्र के भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन आने वाली केबल्स की 947 एकड़ जमीन को राज्य सरकार के हवाले करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रस्तावित हस्तांतरण से पहले अतिक्रमण हटाने, अवैध बिजली कनेक्शन काटने और आवास खाली कराने की कार्रवाई शुरू होने की संभावना है।स्थानीय स्तर पर माना जा रहा है कि आगामी छह महीनों में यहां बड़े उद्योग की दिशा में ठोस पहल सामने आ सकती है। विधायक अरिजीत रॉय भी पहले बंद उद्योग की जमीन पर पुनः उद्योग स्थापित करने की मांग उठा चुके हैं। ऐसे में ताजा निरीक्षण को औद्योगिक पुनर्विकास की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
हिंदुस्तान केबल्स की जमीन पर उद्योग की आहट तेज, नबान्न की टीम ने फिर खंगाले दस्तावेज

