न्यूज 61 लाइव संवाददाता 24 मई 2026नाला (जामताड़ा)। नाला प्रखंड के चकनयापाड़ा गांव में रविवार को ग्रामीणों के बीच विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) जामताड़ा के तत्वावधान में चलाए जा रहे 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत आयोजित हुआ। शिविर में डोर-टू-डोर संपर्क अभियान भी चलाया गया, जिसके माध्यम से ग्रामीणों तक विभिन्न कानूनी योजनाओं और अधिकारों की जानकारी पहुंचाई गई।कार्यक्रम में पीएलवी सह अधिकार मित्र अमित कुमार सिंह एवं जयंती दत्ता ने ग्रामीणों को कई महत्वपूर्ण सरकारी एवं विधिक योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने आशा योजना, जागृति योजना तथा सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मोटर दुर्घटना दावा मामलों में मिलने वाली कानूनी सहायता और मुआवजा प्रक्रिया की जानकारी साझा की।शिविर के दौरान बाल विवाह जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे पर विशेष चर्चा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह कानूनन बाल विवाह की श्रेणी में आता है और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत यह दंडनीय अपराध है। उपस्थित लोगों से इस सामाजिक कुरीति के खिलाफ जागरूक रहने और समाज को भी इसके प्रति सचेत करने की अपील की गई।महिलाओं एवं किशोरियों के लिए आयोजित विशेष सत्र में उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों की जानकारी दी गई। इस दौरान घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, मानव तस्करी, लैंगिक असमानता, कार्यस्थल पर उत्पीड़न तथा संपत्ति में महिलाओं के अधिकार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही यह भी बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद महिलाओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता और अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।शिविर में गांव की बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों एवं युवाओं ने भाग लिया और कानूनी जानकारी प्राप्त कर कार्यक्रम की सराहना की।
चकनयापाड़ा में कानून की पाठशाला: ग्रामीणों को बाल विवाह, महिला सुरक्षा और विधिक अधिकारों की दी गई जानकारी
