संकरी पुलिया से जान जोखिम में, अब नहीं सहेंगे लापरवाही : बरजोड़ा के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 7 जुलाई 2026 जामताड़ा। जामताड़ा प्रखंड की बरजोड़ा पंचायत में हाल ही में निर्मित एक पुलिया को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। बोदमा स्थित पोल फैक्ट्री के सामने से बरजोड़ा जाने वाली सड़क पर लोकडीह और बूढ़ीपाड़ा के बीच बनाई गई नई पुलिया को ग्रामीणों ने सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताते हुए निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुटे और फीता से पुलिया व सड़क की चौड़ाई नापकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।ग्रामीणों के अनुसार करीब दो माह पहले पुराने पुलिया को तोड़कर नया पुलिया बनाया गया था, लेकिन निर्माण के दौरान उसकी चौड़ाई सड़क के अनुरूप नहीं रखी गई। माप के दौरान पाया गया कि सड़क की चौड़ाई लगभग 8 फीट है, जबकि पुलिया केवल 6 फीट 5 इंच चौड़ी है। इस अंतर के कारण चारपहिया वाहनों को पुलिया पार करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।गुरु हड़ाम रेणु मुर्मू ने कहा कि पहले मौजूद पुलिया सड़क की चौड़ाई के बराबर थी और वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से होती थी। नए निर्माण में तकनीकी लापरवाही बरती गई है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कई वाहन पुलिया से नीचे उतर चुके हैं और हर बार ग्रामीणों को मिलकर उन्हें बाहर निकालना पड़ता है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क बरजोड़ा पंचायत के कई गांवों को राष्ट्रीय राजमार्ग-419 से जोड़ने वाला सबसे छोटा मार्ग है। इस रास्ते से बोदमा की दूरी मात्र दो किलोमीटर है, जबकि दूसरे रास्ते से लगभग आठ किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में इस पुलिया की खामी का असर प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पुलिया का तत्काल निरीक्षण कर इसकी चौड़ाई सड़क के अनुरूप बढ़ाई जाए तथा निर्माण में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो क्षेत्रवासी सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता परेश पंडित सहित जयदेव मुर्मू, निमाई मंडल, जगत सोरेन, परेस हेंब्रम, मंगल हेंब्रम, शिवलाल हेंब्रम, रविलाल बेसरा, समीर मुर्मू और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और जनहित से जुड़े इस मुद्दे का शीघ्र समाधान होना चाहिए।

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