न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 17 जुलाई 2026 जामताड़ा। मनरेगा के तहत संचालित विकास योजनाओं में पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जामताड़ा जिले के करमाटांड़ प्रखंड की करमाटांड़ पंचायत में पशु शेड निर्माण से जुड़ी दो योजनाओं में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही मजदूरी, सामग्री और कुशल मजदूरों के नाम पर लगभग ढाई लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया।जानकारी के अनुसार, हेठ करमाटांड़ निवासी परेश मंडल के नाम स्वीकृत पशु शेड योजना (वर्क कोड-55801) में जून 2025 के दौरान मजदूरी मद में लगभग 17,145 रुपये का भुगतान दर्ज किया गया। इसके बाद मार्च 2026 में सामग्री आपूर्ति के नाम पर किसान हार्डवेयर के बिल संख्या 375 के माध्यम से 86,270 रुपये तथा मिस्त्री मद में 16,236 रुपये की राशि जारी दिखाई गई। इस तरह योजना में कुल भुगतान एक लाख बीस हजार रुपये से अधिक बताया जा रहा है।इसी प्रकार गीता देवी के नाम स्वीकृत दूसरी पशु शेड योजना (वर्क कोड-55805) में भी करीब 1.22 लाख रुपये की निकासी दर्ज होने का आरोप है। इसमें मजदूरी मद में लगभग 20,400 रुपये, कुशल मजदूर के नाम पर 16,300 रुपये तथा सामग्री आपूर्ति के लिए बिल संख्या 385 के माध्यम से 85,400 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों योजनाओं में अभी तक नींव की खुदाई तक नहीं हुई है, जबकि सरकारी अभिलेखों में भुगतान की प्रक्रिया पूरी दिखाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब कथित रूप से बिचौलियों, पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मियों की मिलीभगत से हुआ है। मामले के सामने आने के बाद पंचायत में मनरेगा योजनाओं के संचालन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने, भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच करने और यदि गड़बड़ी सिद्ध होती है तो दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।इस संबंध में करमाटांड़ प्रखंड विकास पदाधिकारी एजाज हुसैन ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। शिकायत की विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच की तैयारी में जुट गया है।
करमाटांड़ में मनरेगा की पशु शेड योजनाओं पर उठे सवाल, निर्माण शुरू होने से पहले लाखों रुपये भुगतान का आरोप
