न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 17 जुलाई 2026 जामताड़ा। सदर अस्पताल में संस्थागत प्रसव के दौरान प्रसूता रीना देवी और उनके नवजात शिशु की मौत का मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। शुक्रवार को मामले की जांच के लिए भारतीय जनता पार्टी की दो सदस्यीय टीम जामताड़ा पहुंची। टीम में पूर्व मंत्री अमर कुमार बावरी और पूर्व सांसद सुनील सोरेन शामिल थे। दोनों नेताओं ने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और न्याय दिलाने का भरोसा दिया।परिजनों से मुलाकात के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में अमर बावरी ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि रीना देवी स्वयं चलकर अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी और नवजात की जान चली गई। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।पूर्व मंत्री ने अस्पताल में घटना के बाद हुई तोड़फोड़ को भी राजनीतिक साजिश बताया। उनका आरोप था कि कांग्रेस से जुड़े कुछ नेताओं और स्वास्थ्य मंत्री के करीबी लोगों की मौजूदगी में माहौल बिगाड़ा गया तथा भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता ऐसे मामलों से डरने वाले नहीं हैं और पार्टी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रखेगी।अमर बावरी ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस घर में नवजात के जन्म की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां मातम पसर गया। उन्होंने इस घटना के लिए राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराया।पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने भी घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि यदि जांच में किसी डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कड़ी आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले के अस्पताल की ऐसी स्थिति पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है। उन्होंने नैतिक आधार पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से इस्तीफा देने की भी मांग की।
जामताड़ा अस्पताल मौत मामले में भाजपा का हमला तेज, अमर बावरी और सुनील सोरेन ने निष्पक्ष जांच व मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग
