इंदिरा चौक पर खनन विभाग का शिकंजा, अवैध बालू परिवहन करते ट्रैक्टर की धरपकड़ से मचा हड़कंप

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 24 जुलाई 2026 जामताड़ा। जिले में अवैध खनन और बिना वैध अनुमति के बालू परिवहन पर रोक लगाने के लिए खनन विभाग ने अपनी निगरानी और कार्रवाई को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को जिला खनन निरीक्षक अखिलेश कुमार के नेतृत्व में जामताड़ा शहर के इंदिरा चौक पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान टीम ने बालू लदे एक संदिग्ध ट्रैक्टर को रोककर उसके परिवहन संबंधी दस्तावेजों की जांच की। पूछताछ के दौरान चालक आवश्यक कागजात, वैध परिवहन चालान और खनिज परिवहन की अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका।दस्तावेजों की अनुपलब्धता और प्रथम दृष्टया अवैध परिवहन की पुष्टि होने पर खनन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर को जब्त कर लिया। इसके बाद नियमानुसार वाहन को जामताड़ा थाना के सुपुर्द कर दिया गया, जहां उसे सुरक्षित रखा गया है। संबंधित वाहन के विरुद्ध खनन अधिनियम तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।जिला खनन निरीक्षक अखिलेश कुमार ने बताया कि जिले में प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन और बिना अनुमति खनिज परिवहन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खनिज संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सरकारी राजस्व की हानि को रोकना भी है। इसके लिए जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में समय-समय पर औचक जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन वाहनों के पास वैध ई-चालान, परिवहन परमिट अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं होंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध खनन या बिना अनुमति बालू ढुलाई में संलिप्त लोगों पर भी विभाग की विशेष नजर बनी हुई है।खनन विभाग ने वाहन मालिकों, चालकों और खनिज कारोबारियों से अपील की है कि वे सभी निर्धारित नियमों और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। बिना वैध दस्तावेजों के किसी भी प्रकार का खनिज परिवहन न करें, अन्यथा वाहन जब्ती, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।विभाग का कहना है कि जिले में अवैध खनन और खनिजों के गैरकानूनी परिवहन के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो सके और कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।

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