न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 7 अगस्त जामताड़ा। जिले के सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और जवाबदेह बनाने के लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार ने समाहरणालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का विस्तृत आकलन किया। बैठक में उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि मरीजों के इलाज या अस्पताल संचालन में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिम्मेदारी तय कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।बैठक के दौरान उपायुक्त ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, दवा उपलब्धता, एम्बुलेंस व्यवस्था, स्वच्छता, मरीजों के भोजन और समग्र उपचार व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। हाल ही में प्रशिक्षु उपसमाहर्ता के निरीक्षण में भी कई कमियां सामने आई हैं, जिन्हें तत्काल दूर करना आवश्यक है।उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अस्पताल में चौबीसों घंटे महिला और पुरुष चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी मरीज को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े। उन्होंने बाहरी दवाओं के उपयोग पर रोक लगाने और अस्पताल में सभी जरूरी दवाओं का पर्याप्त भंडार बनाए रखने का निर्देश भी दिया। गंभीर मरीजों को समय पर रेफर करने के लिए निजी एम्बुलेंस संचालकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।बैठक में यह भी कहा गया कि सदर अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से होते हैं, इसलिए उनके साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार किया जाए। अस्पताल परिसर की साफ-सफाई तीन पालियों में कराने, भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी करने तथा सभी मूलभूत सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा को अस्पताल की व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर डीसी का कड़ा रुख, लापरवाही करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
