न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 9 अगस्त सालानपुर। माइथन डैम के जलाशय में प्रस्तावित डीवीसी के फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट को लेकर रविवार को सालानपुर के सिधाबाड़ी इलाके में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। दामोदर घाटी विस्थापित संघर्ष समिति के आह्वान पर कालीपाथर नेशनल फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित सभा में जामताड़ा, सालानपुर और माइथन क्षेत्र के बड़ी संख्या में विस्थापित परिवार पहुंचे।डोमडोहा, कालीपाथर, सिधाबाड़ी, लादना, खेरोवा, कर्मा, निमडांगा और पोड़ाडीह समेत करीब 17 गांवों के ग्रामीणों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। आदिवासी समुदाय सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने ढुगडुगी बजाकर अपनी नाराजगी जाहिर की और प्रस्तावित परियोजना के खिलाफ आवाज उठाई।सभा में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिसकी कीमत स्थानीय लोगों को अपनी आजीविका और अस्तित्व गंवाकर चुकानी पड़े। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि माइथन डैम के निर्माण के समय ही हजारों परिवारों को अपनी जमीन और घर छोड़ने पड़े थे। अब जलाशय में सोलर पैनल लगाने की योजना से मछली पकड़ने और नाव चलाकर रोजी-रोटी कमाने वाले सैकड़ों परिवारों के सामने नया संकट खड़ा हो सकता है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि परियोजना को लेकर कुछ लोगों के साथ बैठक कर निर्णय लेने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि किसी भी योजना को आगे बढ़ाने से पहले प्रभावित सभी गांवों के लोगों के साथ खुली बैठक कर उनकी राय ली जाए। साथ ही रोजगार और उचित मुआवजे की स्पष्ट गारंटी देने की मांग की गई।आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और इसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों के अधिकारों की रक्षा करना है।
माइथन जलाशय में सोलर प्रोजेक्ट का विरोध, सिधाबाड़ी में हजारों विस्थापित परिवारों ने बुलंद की आवाज
