न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 19 अगस्त जामताड़ा। धनबाद से टुंडी होते हुए जामताड़ा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बराकर नदी पर बना बैजड़ा घाट पुल अचानक क्षतिग्रस्त पाया गया। पुल के जामताड़ा छोर की ओर पिलर नंबर छह के आसपास करीब एक से डेढ़ फीट तक धंसाव होने से पुल के हिस्से में दरारें उभर आईं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन पुल पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी।जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, धनबाद के निर्देश के बाद पुल को आवागमन के लिए बंद किया गया है। इससे धनबाद और जामताड़ा के बीच प्रतिदिन यात्रा करने वाले ग्रामीणों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोगों को अब वैकल्पिक रास्ते का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी।पुल में आई खराबी को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने नदी में हो रहे बालू उठाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बराकर नदी में तेज जलप्रवाह के साथ लगातार बालू निकाले जाने से पुल के पिलरों के आसपास की मिट्टी और नदी की तलहटी कमजोर हो रही है। सुखजोड़ा पंचायत के मुखिया जोसेफ मुर्मू और ग्राम प्रधान अशोक सिंह ने कथित अवैध बालू उठाव की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।जानकारी के अनुसार बैजड़ा घाट पुल का निर्माण वर्ष 2009 में विशेष प्रमंडल जामताड़ा द्वारा लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। पुल तैयार होने के बाद धनबाद और जामताड़ा के बीच सीधा संपर्क मजबूत हुआ था और यह मार्ग रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के लिए उपयोगी साबित होता रहा है।अंचल अधिकारी अविश्वार मुर्मू ने बताया कि प्रशासनिक टीम, थाना प्रभारी और पथ निर्माण विभाग के अभियंता मौके पर पहुंच कर जांच कर रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर यातायात बंद रखा गया है। जेसीबी की मदद से मिट्टी भराई का काम कराया जा रहा है, जबकि पुल की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए तकनीकी निरीक्षण जारी है।
बराकर नदी पर बैजड़ा घाट पुल में बड़ा धंसाव, पिलर नंबर छह में दरार; धनबाद-जामताड़ा संपर्क पर लगा ब्रेक

