न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 27 अगस्त जामताड़ा। जामताड़ा सदर अस्पताल में कई दिनों से अंतिम संस्कार की प्रतीक्षा कर रहे दो लावारिस शवों के मामले ने अस्पताल और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर खबर सामने आने के बाद चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने मानवीय पहल करते हुए दोनों शवों का अंतिम संस्कार अपने निजी खर्च पर कराने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को वह स्वयं अपने खर्चे से दोनों शवों का अंतिम संस्कार कराएंगे।जानकारी के अनुसार, मिहिजाम के कांगोई निवासी सोहाडी मरांडी की इलाज के दौरान 20 अगस्त को सदर अस्पताल में मौत हो गई थी। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से संपर्क करने के लिए दिए गए मोबाइल नंबरों पर फोन किया, लेकिन शुरुआती बातचीत के बाद कथित तौर पर संपर्क नहीं हो सका। स्थानीय स्तर पर पता चला कि परिजन घर छोड़कर कहीं अन्यत्र चले गए हैं और शव लेने से इनकार कर रहे हैं।दूसरा शव एक वृद्ध व्यक्ति का है, जिसे 19 अगस्त की रात करीब आठ बजे सड़क किनारे घायल अवस्था में पाया गया था। पुलिस की मदद से उसे 108 एंबुलेंस से सदर अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेल वार्ड में भर्ती किया गया, जहां 23 अगस्त को उसकी मौत हो गई। मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है।अस्पताल प्रबंधक विनीत कुमार ने बताया कि दोनों मामलों की सूचना पुलिस को दी जा चुकी है और अस्पताल प्रबंधन लावारिस शवों का अंतिम संस्कार नहीं कराता। वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों शवों के संबंध में लिखित सूचना दी गई है और अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा।ऐसे में संजय अग्रवाल की पहल ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है। अब उनके द्वारा गुरुवार को किए जाने वाले अंतिम संस्कार से दोनों शवों को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई मिलने की उम्मीद है।
संजय अग्रवाल ने कहा—गुरुवार को अपने निजी खर्चे पर कराएंगे दोनों लावारिस शवों का अंतिम संस्कार

