न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 28 अगस्त रांची। झारखंड में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों की कमी के कारण जनवितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े कार्यों पर असर पड़ने लगा है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्य के सभी उपायुक्तों को पत्र भेजकर वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने का निर्देश दिया है। विभाग ने खाद्यान्न के समय पर उठाव और वितरण की निगरानी को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।सरकार के संयुक्त सचिव दीपक कुमार की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की अधिसूचना संख्या 5408, दिनांक 18 अगस्त 2026 के तहत झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित CGL परीक्षा (विज्ञापन संख्या 10/2023) रद्द कर दी गई है। परीक्षा रद्द होने के बाद कई प्रखंडों में आपूर्ति पदाधिकारियों से संबंधित कार्य प्रभावित हुए हैं।विभाग के अनुसार, कई प्रखंडों में पदस्थापित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सहायक गोदाम प्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। ऐसे पदाधिकारियों की व्यवस्था प्रभावित होने से खाद्यान्न के उठाव, भंडारण और वितरण की प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई गई है।विशेष रूप से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाले खाद्यान्न का समय पर उठाव नहीं होने पर उसके व्ययगत होने की संभावना विभाग ने व्यक्त की है। इससे जरूरतमंद लाभुकों तक निर्धारित समय पर खाद्यान्न पहुंचाने में भी परेशानी उत्पन्न हो सकती है।विभाग ने सभी उपायुक्तों से कहा है कि स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए PDS से जुड़े कार्यों को निर्बाध रूप से संचालित कराया जाए। साथ ही खाद्यान्न के उठाव एवं वितरण की दैनिक स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।यह पत्र 25 अगस्त 2026 को जारी किया गया है और इसकी प्रतिलिपि राज्य के संबंधित खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
सीजीएल परीक्षा रद्द होने से चरमराई प्रखंड आपूर्ति व्यवस्था, खाद्यान्न उठाव में देरी का खतरा

