न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 6 सितंबर रांची। झारखंड की सियासत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों के साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा को जन्म दिया है। राज्य में शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुके तीन मंत्रियों की अपेक्षाकृत कम उम्र में असामयिक मौत हो चुकी है। अप्रैल 2023 से सितंबर 2026 के बीच हुई इन तीन घटनाओं ने इस संयोग को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।इस सिलसिले की पहली घटना जगरनाथ महतो से जुड़ी है। झारखंड सरकार में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रहे महतो का 6 अप्रैल 2023 को निधन हुआ था। 56 वर्षीय महतो कोरोना संक्रमण के बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। संक्रमण के कारण उनके फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचा था और बाद में उनका फेफड़ा प्रत्यारोपण भी किया गया था। उपचार के दौरान चेन्नई में उनका निधन हो गया।इसके बाद रामदास सोरेन का नाम इस सूची में जुड़ा। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रहे सोरेन की 15 अगस्त 2025 को 62 वर्ष की आयु में मृत्यु हुई। अगस्त की शुरुआत में आवास पर गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी। उन्हें बेहतर उपचार के लिए दिल्ली ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।अब उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के 6 सितंबर 2026 को हुए आकस्मिक निधन ने इस घटनाक्रम को और गंभीर चर्चा का विषय बना दिया है। गिरिडीह विधायक सोनू की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में मौत हुई। शुरुआती जानकारी में कार्डियक अरेस्ट की बात सामने आई है।तीनों घटनाओं को एक साथ देखें तो यह निश्चित रूप से असामान्य संयोग नजर आता है। हालांकि, उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इसे शिक्षा मंत्री के पद से जोड़कर किसी तरह की अशुभ धारणा बनाना उचित नहीं होगा। तीनों की परिस्थितियां और मृत्यु के कारण अलग-अलग रहे हैं। बावजूद इसके, लगातार सामने आए इन मामलों ने शिक्षा विभाग से जुड़े मंत्रियों के स्वास्थ्य और इस असामान्य संयोग को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है। आज इस घटना से पूरा झारखंड दुखित है। न्यूज 61 लाइव की ओर से तीनों दिवंगत आत्मा को भगवान के चरणों में स्थान प्राप्त होने की कामना करते हुए नमन करते हुए दुःख व्यक्त किया गया।
शिक्षा विभाग से जुड़े तीन मंत्रियों की असामयिक मौत, महज संयोग या बड़ा सवाल?

