न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 7 सितंबर जामताड़ा। सदर अस्पताल जामताड़ा में चिकित्सकों की समयबद्ध उपस्थिति और अस्पताल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। बिंदापाथर थाना क्षेत्र के चिहुटिया गांव की रहने वाली ज्योत्सना देवी गंभीर रूप से घायल अवस्था में इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर निर्धारित समय पर चिकित्सक के उपलब्ध नहीं रहने के कारण मरीज को इलाज और रेफर की प्रक्रिया के लिए इंतजार करना पड़ा।परिजनों एवं जेएलकेएम जिलाध्यक्ष मंतोष महतो के अनुसार, डॉ. आर. जेबा की ड्यूटी सुबह नौ बजे से निर्धारित थी, लेकिन करीब 11 बजे तक उनके अस्पताल नहीं पहुंचने का आरोप लगाया गया। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जाना था। बताया गया कि चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के लिए संबंधित चिकित्सक की मौजूदगी जरूरी थी, जिसके कारण मरीज के परिजनों को इंतजार करना पड़ा।इस घटना के बाद सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की ड्यूटी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों का कहना है कि गंभीर मरीजों के लिए अस्पताल में वैकल्पिक चिकित्सकीय व्यवस्था हमेशा उपलब्ध रहनी चाहिए, ताकि किसी डॉक्टर की अनुपस्थिति से इलाज प्रभावित न हो।हालांकि, अस्पताल प्रबंधक विनित कुमार ने चिकित्सक के लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के आरोप से अलग जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डॉ. आर. जेबा अस्पताल पहुंची थीं और लगभग 15 मिनट की देरी हुई थी। उनके अनुसार, अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने घायल मरीज का इलाज किया।मामले में डॉ. आर. जेबा का पक्ष जानने के लिए दूरभाष से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।वहीं, सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की बात कही। उन्होंने कहा कि चिकित्सक निर्धारित ड्यूटी अवधि में समय पर उपस्थित क्यों नहीं थीं, इसकी जानकारी ली जाएगी। जांच में यदि लापरवाही की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।अब जांच के नतीजे से यह स्पष्ट होगा कि चिकित्सक की अनुपस्थिति कितनी देर रही और मरीज को इलाज अथवा रेफर प्रक्रिया के लिए वास्तव में कितना इंतजार करना पड़ा।
सदर अस्पताल में डॉक्टर की ड्यूटी पर देरी का आरोप, घायल मरीज को करना पड़ा इंतजार; सिविल सर्जन ने जांच के दिए निर्देश

