न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 9 सितंबर आसनसोल। उचित मजदूरी और श्रम कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग को लेकर आरके ग्रीन माइनिंग के श्रमिकों ने मंगलवार को इटापाड़ा माइनिंग क्षेत्र में काम बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। सुबह करीब 9 बजे से श्रमिकों ने कामकाज पूरी तरह रोक दिया और अपनी मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई।प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का आरोप है कि उनसे पूरे महीने काम कराने के बावजूद निर्धारित अवधि के अनुसार भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि 30 दिन ड्यूटी करने के बाद भी उन्हें केवल 28 दिनों का वेतन दिया जाता है। इसके अलावा महीने में आने वाले चार रविवारों में से सिर्फ दो रविवार का भुगतान किए जाने का भी आरोप श्रमिकों ने लगाया।श्रमिक माधव बाउरी ने बताया कि कई बार निर्धारित समय से अधिक काम करने के बावजूद भुगतान में कटौती की जा रही है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग श्रमिकों को करीब 15 हजार से 26 हजार रुपये तक वेतन मिल रहा है, जिसे वे मौजूदा परिस्थितियों में पर्याप्त नहीं मानते। मजदूरों के अनुसार, उन्होंने कंपनी प्रबंधन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए 10 दिन का समय देते हुए लिखित आवेदन भी दिया था, लेकिन 11 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसके बाद श्रमिकों ने काम बंद करने का फैसला लिया।वहीं, श्रमिक जितेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के लिए निर्धारित श्रम नियमों और न्यूनतम वेतन संबंधी प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को उनका निर्धारित बेसिक वेतन मिलना चाहिए।बाद में भाजपा नेता सनातन मंडल भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और श्रमिकों से बातचीत की। उन्होंने कंपनी प्रबंधन के साथ बातचीत कराने का आश्वासन दिया। बताया गया कि बुधवार सुबह साढ़े 10 बजे कंपनी प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बैठक प्रस्तावित है। बैठक के परिणाम के आधार पर आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
वेतन कटौती के विरोध में इटापाड़ा खनन क्षेत्र में मजदूरों का हंगामा, सुबह से ठप रहा काम

