न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 24 सितंबर मिहिजाम। जनजातीय संघया डिग्री महाविद्यालय, मिहिजाम में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का 57वां स्थापना दिवस उत्साह और सामाजिक सेवा की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत, विश्वविद्यालय के कुलगीत और एनएसएस के लक्ष्य गीत से हुई। समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. कृष्ण मोहन साह ने की।अपने संबोधन में प्राचार्य ने कहा कि एनएसएस केवल प्रमाण पत्र हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को समाज के प्रति जिम्मेदार बनाने का महत्वपूर्ण मंच है। एनएसएस की गतिविधियों में सक्रिय रूप से जुड़ने वाले स्वयंसेवक समाज में अपनी अलग पहचान बनाते हैं। उन्होंने छात्राओं से नियमित रूप से कार्यक्रमों में भाग लेकर अपने व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने की अपील की।कार्यक्रम पदाधिकारी एवं एनएसएस इकाई-2 की प्रभारी देवकी पंजियारा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए एनएसएस की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, स्वास्थ्य जांच शिविर, रक्तदान, सात दिवसीय विशेष शिविर तथा राष्ट्रीय एकीकरण शिविर जैसी गतिविधियों में भाग लेकर युवा सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और टीमवर्क की सीख हासिल करते हैं। उन्होंने अधिक से अधिक छात्राओं को एनएसएस से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।समारोह के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों ने कविता पाठ और भाषण प्रस्तुत कर सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। डॉ. कुमारी किरण वर्णवाल और प्रो. शबनम खातून ने भी एनएसएस की उपयोगिता और युवाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे।कार्यक्रम के अंत में प्रो. शम्भू सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मौके पर डॉ. सोमेन सरकार, प्रो. पूनम कुमारी, प्रो. पुष्पा टोप्पो, प्रो. अमिता सिंह, प्रो. जयश्री, राजू शर्मा, विक्रम कुमार, रोजीना खातून और रीमा साह सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं एनएसएस स्वयंसेवक मौजूद रहे।
सेवा से समाज तक पहचान बनाने का संकल्प, जनजातीय संघया कॉलेज में मना एनएसएस स्थापना दिवस

