न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 22 अक्टूबर सालानपुर। रूपनारायणपुर में बीडीओ कार्यालय के समीप स्थित ऐतिहासिक घोषपुकुर तालाब में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत से हड़कंप मच गया है। इस घटना ने मछली पालन करने वाले परिवार को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया है। तालाब के मालिक का दावा है कि लाखों रुपये मूल्य की मछलियां मरने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, घटना के पीछे संभावित जल प्रदूषण को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।पीड़ित परिवार ने तालाब में मछलियों की मौत के लिए रूपनारायणपुर बाजार के निकट स्थित बदहाल नाले को जिम्मेदार ठहराया है। परिवार का आरोप है कि लंबे समय से नाले की समुचित मरम्मत और सफाई नहीं हुई है। आसपास के आवासीय क्षेत्रों, बाजार और मिठाई की दुकानों से निकलने वाला गंदा पानी इसी नाले से होकर गुजरता है। आशंका जताई जा रही है कि नाले का दूषित पानी तालाब में प्रवेश करने से जलीय वातावरण प्रभावित हुआ, जिससे मछलियों की मौत हुई।हालांकि, मछलियों के मरने के वास्तविक कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि पानी के नमूने की वैज्ञानिक जांच कराई जानी चाहिए, ताकि प्रदूषण की स्थिति और मछलियों की मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।तालाब के आसपास गंदगी जमा होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलाशय के किनारे प्लास्टिक, पॉलीथिन और घरेलू कचरा फेंके जाने से इसकी स्थिति लगातार खराब हो रही है। कभी स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी रहा यह जलस्रोत अब प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है।पीड़ित परिवार ने सवाल उठाया है कि निजी पूंजी लगाकर मछली पालन करने के बावजूद यदि दूसरे स्रोतों से आने वाले दूषित पानी के कारण नुकसान होता है, तो इसकी भरपाई की जिम्मेदारी कौन लेगा।परिवार ने संबंधित प्रशासन से तत्काल पानी की जांच कराने, नाले की सफाई और निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब कदम उठाता है और घोषपुकुर को प्रदूषण से बचाने के लिए क्या ठोस पहल की जाती है।
घोषपुकुर में मछलियों की मौत से मचा हड़कंप, दूषित नाले के पानी पर उठे सवाल
