न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 27 अक्टूबर रांची। झारखंड आंदोलन के प्रमुख योद्धा और बांझी गोलीकांड के नायक फादर एंथोनी मुर्मू की 96वीं जयंती पर विधायक क्लब में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस दौरान उनके सम्मान में लगाए गए नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।मोर्चा के संस्थापक सह प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि फादर एंथोनी मुर्मू झारखंड की धरती पर क्रांति की ऐसी चिंगारी थे, जिन्होंने अलग राज्य की मांग के साथ महाजनी प्रथा, अंधविश्वास, नशाखोरी और आदिवासियों के शोषण के खिलाफ निर्णायक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि उनका त्याग, साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। सड़क से लेकर सदन तक उनके संघर्ष की गूंज आज भी सुनाई देती है।फादर एंथोनी मुर्मू ने प्रारंभिक जीवन में जेसुइट पादरी के रूप में कार्य किया। बाद में आदिवासी समाज की सेवा और अधिकारों की रक्षा के लिए राजनीति में सक्रिय हुए। वर्ष 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर राजमहल लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर वे छठी लोकसभा के सदस्य बने। संसद में उन्होंने झारखंड को अलग राज्य बनाने, संथाल आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा और शोषण से मुक्ति की आवाज बुलंद की।सांसद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी उनका संघर्ष जारी रहा। संथाल और माल्टो समुदायों की जमीन पर अवैध कब्जे तथा साहूकारों और बिचौलियों के शोषण का विरोध करने के कारण वे प्रभावशाली लोगों के निशाने पर आ गए। 19 अप्रैल 1985 को उनकी हत्या कर दी गई। उनके निधन से संथाल परगना ने एक बुलंद आवाज खो दी।कार्यक्रम में झारखंड आंदोलनकारी युवा मोर्चा के अध्यक्ष ललित नारायण, केंद्रीय सचिव जगत महतो, रंजनी कंडुलना, शीला कच्छप, बेली बलवंती एक्का, मार्गेट तिग्गा, नंद किशोर सिंह, सुदीप कुमार सिंह, परसु राम सिंह, विक्की कुमार, रमेश कुमार, भारती कुमार साव और धीरन साव सहित अन्य लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने उनके विचारों और संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
फादर एंथोनी मुर्मू की 96वीं जयंती पर गूंजा संघर्ष और बलिदान का संदेश, दी गई श्रद्धांजलि
