स्मार्ट मीटर के विरोध में सड़क पर उतरी माकपा, रूपनारायणपुर बिजली कार्यालय का किया घेराव, सौंपा 9 सूत्री ज्ञापन

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 13 जुलाई 2026 रूपनारायणपुर। पश्चिम बंगाल में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विरोध तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की सालानपुर एरिया कमेटी ने रूपनारायणपुर स्थित पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी (डब्ल्यूबीएसईडीसीएल) के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर सरकार की नीति का विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं ने स्टेशन सुपरिटेंडेंट को नौ सूत्री मांगपत्र सौंपते हुए स्मार्ट मीटर योजना पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।प्रदर्शन के दौरान माकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और बिजली विभाग उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी कर रहे हैं, जो आम लोगों के हितों के खिलाफ है। उनका कहना था कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा को व्यावसायिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। विशेष रूप से गरीब, मध्यम वर्ग और दिहाड़ी मजदूरों पर इसका आर्थिक बोझ बढ़ेगा।ज्ञापन में पार्टी ने स्पष्ट किया कि विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(2) के अनुसार प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का निर्णय पूरी तरह उपभोक्ता की इच्छा पर आधारित होना चाहिए। किसी भी उपभोक्ता पर उसकी अनुमति के बिना स्मार्ट मीटर नहीं थोपा जाना चाहिए। इसके अलावा पोस्टपेड स्मार्ट मीटर प्रणाली लागू न करने, मौजूदा पारंपरिक मीटर को जारी रखने का विकल्प देने और स्मार्ट मीटर के नाम पर अतिरिक्त किराया या सेवा शुल्क नहीं वसूलने की मांग भी उठाई गई।माकपा नेताओं ने यह भी कहा कि केवल व्हाट्सएप या ई-मेल के माध्यम से बिजली बिल भेजने की व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है। इसलिए उपभोक्ताओं को पहले की तरह कागजी बिजली बिल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही बिजली की दरों में कमी लाने, एक निश्चित सीमा तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने तथा बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण में निजी कंपनियों या फ्रेंचाइजी व्यवस्था को शामिल नहीं करने की भी मांग की गई।सालानपुर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पर चिंता जताते हुए नेताओं ने रखरखाव प्रणाली में सुधार और रात्रिकालीन बिजली सेवा को जल्द शुरू करने की मांग भी रखी।इस दौरान देबाशीष दे, मनोज दत्ता, प्रदीप दत्ता, सुब्रत चटर्जी और तपसी चौधरी के संयुक्त हस्ताक्षर वाला ज्ञापन बिजली विभाग के अधिकारियों को सौंपा गया। माकपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आम जनता को साथ लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।

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