जामताड़ा में फर्जी अस्पतालों पर कसेगा शिकंजा, सिर्फ 21 निजी स्वास्थ्य संस्थानों को ही मिली वैध मान्यता

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 28 जून 2026 जामताड़ा। जामताड़ा जिले में बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिक और पॉलीक्लिनिक पर अब स्वास्थ्य विभाग की पैनी नजर है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि बिना पंजीकरण इलाज करने वाले किसी भी निजी स्वास्थ्य संस्थान को अब बख्शा नहीं जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्र ने बताया कि जिले में वर्तमान समय में केवल 21 निजी क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट ही विधिवत पंजीकृत हैं। इनके अतिरिक्त यदि कोई संस्थान मरीजों का इलाज करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।सिविल सर्जन ने यह भी स्पष्ट किया कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस केवल दवाओं की बिक्री और भंडारण के लिए होता है। किसी मेडिकल स्टोर परिसर में डॉक्टर द्वारा ओपीडी या मरीजों का उपचार संचालित करना नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों में संबंधित संचालक को अलग से क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, अन्यथा उसे अवैध संचालन माना जाएगा।स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि इलाज कराने से पहले संबंधित अस्पताल, नर्सिंग होम या क्लीनिक का पंजीकरण अवश्य जांच लें। गैर-पंजीकृत संस्थानों में इलाज कराने से मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।जिले में जिन 21 निजी स्वास्थ्य संस्थानों को मान्यता प्राप्त है, उनमें पारस हॉस्पिटल, मेडिशा हॉस्पिटल, परमानंद हॉस्पिटल एलएलपी, बायो केयर मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (नारायणपुर), वात्सल्य हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल, पॉपुलर नर्सिंग होम, शालिग्राम हॉस्पिटल, एस.एस. हेल्थ यूनिट (मिहिजाम), गीतांजलि नर्सिंग होम, मुस्कान हॉस्पिटल, संत साही आशा नर्सिंग होम, एस.एस. हॉस्पिटल, जामताड़ा मेमोरियल हॉस्पिटल, जय मां चंचला हॉस्पिटल (नारायणपुर), सबीना हॉस्पिटल, इंडियन ब्लू हॉस्पिटल (नारायणपुर), एम.एस. नर्सिंग होम (नारायणपुर), अनुपम सेवा सदन (मिहिजाम), सुशीला हॉस्पिटल तथा मेसो ग्रामीण हॉस्पिटल (नाला) शामिल हैं।स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस सूची के बाहर यदि कोई अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक या पॉलीक्लिनिक बिना वैध पंजीकरण के संचालित होता पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध अथवा गैर-पंजीकृत स्वास्थ्य संस्थान की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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