एसबीआई अधिकारी बनकर करता था साइबर ठगी, जामताड़ा पुलिस ने 4 लाख से अधिक नकदी के साथ शातिर आरोपी को दबोचा

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 14 जुलाई 2026 जामताड़ा। झारखंड के साइबर अपराध प्रभावित क्षेत्र जामताड़ा में पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 4.04 लाख रुपये से अधिक नकद, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस का मानना है कि आरोपी देश के विभिन्न राज्यों में लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।साइबर डीएसपी अमित कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि करमाटांड़ थाना क्षेत्र में एक सक्रिय साइबर अपराधी ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से करमाटांड़ थाना क्षेत्र के कुरुवा गांव स्थित हटिया के समीप घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवघर जिले के मारगोमुण्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत पंचरूखी गांव निवासी 30 वर्षीय नसरूद्दीन अंसारी के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ और तकनीकी जांच में पता चला कि आरोपी खुद को एसबीआई का बैंक अधिकारी बताकर लोगों को फोन करता था। वह ग्राहकों को उनके क्रेडिट कार्ड के बंद होने, केवाईसी अपडेट करने या नया कार्ड सक्रिय कराने का झांसा देता था।इसके बाद वह पीड़ितों के मोबाइल पर व्हाट्सएप या मैसेज के जरिए एक संदिग्ध एपीके फाइल भेजता था और उसे डाउनलोड करने के लिए कहता था। जैसे ही कोई व्यक्ति उस फाइल को इंस्टॉल करता, उसके मोबाइल का नियंत्रण आरोपी के हाथ में पहुंच जाता। इसके बाद बैंकिंग एप, क्रेडिट कार्ड और अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारियां हासिल कर आरोपी खातों से रकम उड़ा लेता था।छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 4,04,500 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, तीन सक्रिय सिम कार्ड, दो बैंक पासबुक, एक आधार कार्ड तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। जब्त किए गए सभी सामानों की जांच की जा रही है ताकि साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य सुराग मिल सकें।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। साइबर डीएसपी ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान लिंक, एपीके फाइल या बैंक अधिकारी बनकर आने वाले कॉल पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें।

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