न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 13 जुलाई 2026 जामताड़ा। बच्चों के सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को नाला प्रखंड सभागार में बाल संरक्षण विषय पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न कानूनों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए सभी संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों से समन्वित प्रयास करने की अपील की गई।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी आकांक्षा कुमारी तथा जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी संजय यादव मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व भी है। यदि किसी बच्चे के साथ शोषण, हिंसा या उत्पीड़न की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन को दी जानी चाहिए।बैठक के दौरान बाल विवाह, बाल मजदूरी, बाल तस्करी, बाल दुर्व्यवहार, बाल अधिकार संरक्षण, स्पॉन्सरशिप एवं पालन-पोषण (फोस्टर केयर) योजना, एचआईवी-एड्स जागरूकता सहित बच्चों के विकास और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने बताया कि समय पर जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी से बाल अपराधों और शोषण की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी संजय यादव ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य आम लोगों, जनप्रतिनिधियों और सरकारी कर्मियों को बाल संरक्षण कानूनों और योजनाओं की जानकारी देना है, ताकि जरूरतमंद बच्चों तक सरकारी सहायता समय पर पहुंच सके। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है और इसे सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।कार्यक्रम में यूनिसेफ के समन्वयक देवेंद्र पांडे, प्रखंड समन्वयक राज किशोर यादव, चाइल्ड हेल्पलाइन के परामर्शदाता विजेंद्र कुमार यादव, प्रखंड प्रमुख समर मांझी, महिला पर्यवेक्षिका पूनम कुमारी, पूर्णिमा मंडल, लवली पाठक, गणेश महतो, श्यामसुंदर टुडू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में सतर्कता बढ़ाने, बच्चों के अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक करने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों पर नाला में मंथन, जागरूकता कार्यक्रम में बाल संरक्षण के हर पहलू पर हुई विस्तृत चर्चा
