न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 25 अक्टूबर रांची। झारखंड राज्य के गठन के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों की लगातार हो रही मौतों ने उनके भविष्य और वर्तमान स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने इस पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से आंदोलनकारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने की मांग की है। मोर्चा के संस्थापक सह प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि राज्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों की उपेक्षा चिंताजनक है। सरकार को उनकी स्थिति का गंभीरता से आकलन कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।पुष्कर महतो ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि शनिवार को तीन झारखंड आंदोलनकारियों का निधन हो गया। इनमें जामताड़ा जिले के मिहिजाम निवासी बाबू जान अंसारी, धनबाद के तेलीपाड़ा निवासी वरुण सेन और पलामू के रामगढ़ अंतर्गत बांसडीह निवासी राजकिशोर सिंह शामिल हैं। इन तीनों के निधन से झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा परिवार दुखी है।उन्होंने कहा कि झारखंड गठन के बाद से अब तक लगभग 20 से 25 हजार आंदोलनकारियों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं, बड़ी संख्या में आंदोलनकारी आज भी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। कई लोग आर्थिक तंगी के कारण बेहतर इलाज नहीं करा पा रहे हैं और समुचित चिकित्सा सुविधाओं से वंचित हैं। कुछ आंदोलनकारियों को पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।मोर्चा के प्रधान सचिव ने कहा कि जिन लोगों ने अलग झारखंड राज्य के सपने को साकार करने के लिए संघर्ष किया, उनके जीवन के इस पड़ाव पर सम्मान, सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। आर्थिक कठिनाइयों के बीच जीवन गुजार रहे आंदोलनकारियों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।पुष्कर महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार से आग्रह किया कि आंदोलनकारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाए। उनके लिए समुचित चिकित्सा व्यवस्था, आर्थिक सहायता और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल की जाए, ताकि राज्य निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को उचित सम्मान मिल सके।
झारखंड आंदोलनकारियों की लगातार मौत से बढ़ी चिंता, सरकार पुनर्वास और इलाज पर दे ध्यान: पुष्कर महतो
