न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 26 जुलाई रानीगंज। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-युवाओं पर कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध की गूंज अब पश्चिम बंगाल के रानीगंज तक पहुंच गई है। शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे रानीगंज के पंजाबी मोड़ स्थित शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा के समक्ष भीम आर्मी के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए तथा केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों और छात्रों के मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका आरोप था कि दिल्ली में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रख रहे छात्रों और युवाओं के साथ पुलिस ने कठोर व्यवहार किया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।आंदोलनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने मांग की कि जिन लोगों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया, उनकी पहचान कर निष्पक्ष जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी दोहराई गई।भीम आर्मी के नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्रों से जुड़े मामलों में प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। संगठन के अनुसार शनिवार को शुरू हुआ यह प्रदर्शन शाम तक जारी रहने की योजना थी। पूरे कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में विरोध के स्वर मुखर रहे और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में रानीगंज में भड़का आक्रोश, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर भीम आर्मी का जोरदार प्रदर्शन
