न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 12 जून 2026 जामताड़ा/नाला। नाला प्रखंड में सरकारी योजनाओं के संचालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मनरेगा में लाखों रुपये की कथित फर्जी निकासी के मामले के बाद अब प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ी अनियमितता सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि लाभुक को मिलने वाली आवास सहायता राशि किसी दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में चली गई, लेकिन शिकायत के 14 दिन बाद भी प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।मामला नाला प्रखंड की कास्ता पंचायत के परिहारपुर गांव का है। यहां के निवासी कालू मंडल को वर्ष 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ स्वीकृत किया गया था। योजना के तहत पहली किस्त के रूप में मिलने वाली 40 हजार रुपये की राशि उनके खाते में जमा होने के बजाय गांव के ही एक अन्य व्यक्ति दयाल मंडल के खाते में चली गई। इस घटना ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।पीड़ित परिवार के अनुसार उन्हें इस गड़बड़ी की जानकारी तब हुई जब प्रखंड कार्यालय से एक नोटिस प्राप्त हुआ। नोटिस में कहा गया था कि आवास निर्माण के लिए राशि जारी की जा चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। साथ ही सरकारी धन के दुरुपयोग की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बाद परिवार ने प्रखंड कार्यालय पहुंचकर अपनी बात रखी, लेकिन संतोषजनक समाधान नहीं मिला।न्याय की उम्मीद में कालू मंडल और उनकी पत्नी कल्याणी मंडल ने 29 मई को जिला मुख्यालय में उपायुक्त कार्यालय में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि कई दिन गुजर जाने के बावजूद मामले में कोई स्पष्ट प्रगति सामने नहीं आई है। इससे जनता दरबार की शिकायत निवारण प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं।प्रखंड विकास पदाधिकारी आकांक्षा कुमारी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उनके अनुसार जिस व्यक्ति के खाते में राशि गई है, वह फिलहाल बाहर काम कर रहा है। उससे संपर्क किया गया है और उसने घर लौटने के बाद राशि वापस करने की बात कही है।इधर पीड़ित परिवार की स्थिति बेहद दयनीय बताई जा रही है। कल्याणी मंडल ने बताया कि उनके दोनों पुत्र दिव्यांग हैं और परिवार पहले से आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है। ऐसे में आवास योजना की राशि से जुड़ी इस गड़बड़ी ने उनकी परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की है।
पीएम आवास की रकम पहुंची दूसरे खाते में, 14 दिन बाद भी नहीं मिला न्याय; नाला में योजनाओं की पारदर्शिता पर उठे सवाल
