हरियाली का संदेश लेकर आगे आया आरपीएफ, विश्व पर्यावरण दिवस पर जामताड़ा स्टेशन परिसर में हुआ पौधरोपण

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 5 जून 2026 जामताड़ा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जामताड़ा रेलवे स्टेशन परिसर हरियाली के संकल्प का साक्षी बना। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा आयोजित विशेष पौधारोपण कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करना और पौधरोपण को जन आंदोलन का रूप देना था।आरपीएफ थाना एवं जामताड़ा रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित इस अभियान के दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में रेलवे विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने पौधारोपण कर न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि भविष्य में इन पौधों की देखभाल का भी संकल्प लिया।इस अवसर पर चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर पी.सी. भास्कर ने कहा कि स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण मानव जीवन की मूल आवश्यकता है। तेजी से बदलते पर्यावरणीय हालात और बढ़ते प्रदूषण के बीच पौधरोपण ही वह माध्यम है, जो प्रकृति और मानव के बीच संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसे पेड़ बनने तक संरक्षित रखना चाहिए।उन्होंने विशेष रूप से पीपल के वृक्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वृक्ष उन्हें हमेशा प्रेरित करता है। पीपल न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि दिन-रात ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की अपनी विशेषता के कारण जीवनदायिनी भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि वे जीवन भर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के कार्यों से जुड़े रहने का प्रयास करते रहेंगे।कार्यक्रम में स्टेशन प्रबंधक सुरेंद्र पासवान, आरपीएफ सब इंस्पेक्टर सौरभ कुमार, आईओडब्ल्यू कर्मी सुधीर कुमार समेत आरपीएफ के अधिकारी और जवान उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर हरित वातावरण के निर्माण और पर्यावरणीय जागरूकता फैलाने का संकल्प दोहराया।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करें। उनका कहना था कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देने के लिए आज से ही प्रकृति संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाना आवश्यक है।

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