न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 6 जून 2026 मिहिजाम। भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से मिहिजाम के आम बागान कालीमंदिर परिसर स्थित सरोजा पल्लवा नृत्य अकादमी में आयोजित सात दिवसीय भरतनाट्यम समर कैंप का शनिवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में प्रतिभागी बच्चों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके प्रयासों और सीखने की लगन का सम्मान किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, अनुशासन और कला के प्रति समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला।अकादमी की निदेशक पल्लवी राय ने बताया कि इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य बच्चों को केवल नृत्य की मुद्राएं सिखाना नहीं, बल्कि उन्हें भारतीय शास्त्रीय नृत्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से भी जोड़ना था। सात दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को भरतनाट्यम की मूल संरचना, ताल-लय, हस्त मुद्राएं, भावाभिव्यक्ति, मंच प्रस्तुति तथा नृत्य के सैद्धांतिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों का रुझान आधुनिक गतिविधियों की ओर अधिक बढ़ रहा है। ऐसे में शास्त्रीय कलाओं के प्रति उनकी रुचि विकसित करना आवश्यक है, ताकि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें। कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षकों ने बच्चों को नृत्य की बारीक तकनीकों को सरल और रोचक तरीके से समझाया, जिससे प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया।समर कैंप में शामिल बच्चों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उनका कहना था कि यह प्रशिक्षण उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रहा। उन्होंने न केवल नए नृत्य कौशल सीखे, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और मंच पर प्रस्तुति देने की कला को भी बेहतर ढंग से समझा। बच्चों ने बताया कि प्रशिक्षकों द्वारा कठिन से कठिन तकनीकों को सहज तरीके से समझाए जाने से सीखने की प्रक्रिया काफी आनंददायक रही।कार्यशाला में शुभांगी घोष, सिद्धि राज, सृष्टि राज, विभावरी चटर्जी, आदिति आस्था, इशिका चंद्रवंशी, आयशा कुमारी, अभिलाषा बनर्जी, आरुषि कुमारी, प्रज्ञा जायसवाल, स्नेहा कुमारी, तनुश्री टुडू, प्रिया कुमारी, ऋषिका दास और कुमकुम प्रसाद समेत अनेक बच्चों ने भाग लिया। समापन समारोह में अभिभावकों ने भी बच्चों की प्रस्तुतियों और उनके सीखने के उत्साह की सराहना की। आयोजन की सफलता पर अकादमी परिवार ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
भरतनाट्यम की लय और भावों से सजा समर कैंप: सात दिनों की साधना के बाद बच्चों को मिला सम्मान
