न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 24 जुलाई सालानपुर। पश्चिम बंगाल के सालानपुर प्रखंड के सिदाबाड़ी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन बार-बार क्षतिग्रस्त होने और दूषित पानी मिलने की शिकायत को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। लगातार विरोध और मरम्मत कार्य रुकवाए जाने के बाद शुक्रवार को जनस्वास्थ्य अभियंत्रण (पीएचई) विभाग के अधिकारी तथा संबंधित ठेकेदार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर जल्द स्थायी समाधान का भरोसा दिया।ग्रामीणों का आरोप है कि ‘हर घर जल-जल जीवन मिशन’ के तहत वर्ष 2022 में बिछाई गई पाइपलाइन में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया। इसके कारण पानी का दबाव बढ़ते ही पाइप फट जाती है और कई गांवों की जलापूर्ति ठप हो जाती है। पिछले एक सप्ताह से सिदाबाड़ी सहित आसपास के कई गांवों में पेयजल संकट गहराने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने कुछ दिन पहले पाइपलाइन मरम्मत का कार्य बंद करा दिया था और स्पष्ट कर दिया था कि जब तक पूरी व्यवस्था में सुधार तथा मजबूत पाइप नहीं लगाए जाएंगे, तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।ग्रामीणों के विरोध के बाद पहुंचे अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत, उच्च गुणवत्ता की सामग्री के उपयोग, पेयजल की नियमित जांच, ब्लिचिंग पाउडर व रसायनों के उपयोग का लिखित रिकॉर्ड रखने तथा जलापूर्ति केंद्रों पर कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए अलग रजिस्टर बनाए रखने का आश्वासन दिया। साथ ही ग्रामीणों को संयुक्त ज्ञापन बीडीओ के माध्यम से उच्च अधिकारियों, स्थानीय विधायक और विभागीय मंत्री तक भेजने की सलाह भी दी गई।स्थानीय भाजपा नेता तीर्थ सेन ने कहा कि घटिया पाइपलाइन के कारण बसकेटिया, सिदाबाड़ी, धुनोडी, कालीपाथर, रामचंद्रपुर, कल्याणेश्वरी, लेफ्ट बैंक, हदला और बाथानबाड़ी सहित कई गांवों के लोग पानी की गंभीर समस्या झेल रहे हैं। वहीं भाजपा नेता डॉ. सत्यनारायण राय ने कहा कि जल की गुणवत्ता की नियमित जांच और रिपोर्ट सार्वजनिक करना आवश्यक है, ताकि लोगों के स्वास्थ्य से कोई समझौता न हो।
फटी पाइपलाइन से गांवों में जल संकट, ग्रामीणों के विरोध के बाद हरकत में आया पीएचई विभाग
