CLW के मुद्दे पर फिर आमने-सामने श्रमिक संगठन, दिल्ली की बैठक में उठेंगे कर्मचारियों के सवाल

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 8 सितंबर चित्तरंजन। चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW) को लेकर औद्योगिक क्षेत्र में एक बार फिर श्रमिक संगठनों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कारखाने के भविष्य, कर्मचारियों की लंबित मांगों और संगठनात्मक उपलब्धियों को लेकर विभिन्न श्रमिक संगठनों ने अपने-अपने दावे पेश किए हैं। इसी बीच आगामी 11 और 12 सितंबर को दिल्ली में होने वाली NFIR की 244वीं वर्किंग कमेटी बैठक को लेकर चित्तरंजन में गतिविधियां बढ़ गई हैं।चित्तरंजन रेलवेमेंस कांग्रेस के महासचिव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि बैठक में CLW और रेलकर्मियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने रेलवे में लंबे समय से रिक्त पदों को शीघ्र भरने, कैडर रीस्ट्रक्चरिंग में तेजी लाने तथा आठवें वेतन आयोग को जल्द लागू करने की मांग रखने की बात कही। उनके अनुसार कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में NPS को समाप्त कर OPS बहाल करना भी शामिल है।इंद्रजीत सिंह ने कर्नाटक में पुरानी पेंशन व्यवस्था को लेकर लिए गए निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों के बीच उम्मीद जगी है। उन्होंने CLW की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और लंबे समय से अनुपयोगी पड़े आधारभूत ढांचे को इस्तेमाल में लाने की जरूरत भी बताई। विशेष रूप से स्टील फाउंड्री के बंद शेड का मुद्दा रेल बोर्ड के समक्ष उठाने की बात कही।बैठक में चित्तरंजन के आवासीय क्वार्टरों का मुद्दा भी उठेगा। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में रेलवे क्वार्टर खाली पड़े हैं, जबकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों, प्रशिक्षुओं और अन्य जरूरतमंदों को आवास की समस्या है। उचित नीति बनाकर खाली आवासों के उपयोग की मांग की जाएगी।वहीं CRMC के कार्यकारी अध्यक्ष नेपाल चक्रवर्ती ने भी विपक्षी संगठन पर निशाना साधते हुए कहा कि CLW बंद होने का भय दिखाकर कर्मचारियों को भ्रमित करने की राजनीति बंद होनी चाहिए। उन्होंने OPS की बहाली को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही।NFIR की दिल्ली बैठक को लेकर अब चित्तरंजन में श्रमिक राजनीति गरमा गई है। कारखाने के उत्पादन से लेकर पेंशन और आवास तक के मुद्दों पर बैठक से निकलने वाले फैसलों पर कर्मचारियों की नजर टिकी है।

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