चित्तरंजन में भीषण सड़क हादसा: आमने-सामने भिड़ीं दो ऑटो, कई गंभीर घायल; ट्रेलरों की अवैध पार्किंग पर उठे सवाल

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 5 जुलाई 2026 चित्तरंजन। पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन स्थित तीन नंबर गेट के समीप रविवार (5 जुलाई) की शाम एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दो ऑटो रिक्शा की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में दोनों ऑटो चालकों समेत कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल कस्तूरबा गांधी अस्पताल (केजी अस्पताल) पहुंचाया गया, जहां कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है।अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कल्याणग्राम निवासी ऑटो चालक विश्वजीत दास उर्फ लाबलू के सिर में गंभीर चोट आई है। उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है। वहीं, मालबहाल निवासी दूसरे ऑटो चालक मनोज मंडल के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है।दुर्घटना में मनोज मंडल के ऑटो में सवार माला दास (22) और उनकी 65 वर्षीय सास ज्योत्स्ना दास भी बुरी तरह घायल हो गईं। चिकित्सकों के मुताबिक माला दास का बायां हाथ गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है, जबकि ज्योत्स्ना दास के सिर में चोट लगी है। इसके अलावा विश्वजीत दास के ऑटो में सवार रेलकर्मी संदीप आचार्य भी सिर में चोट लगने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विश्वजीत दास का ऑटो हिंदुस्तान केबल्स की ओर से तेज गति से चित्तरंजन की तरफ आ रहा था। उसी समय सामने से मनोज मंडल का ऑटो पहुंचा। सड़क के दोनों किनारों पर खड़े भारी-भरकम मालवाहक ट्रेलरों के कारण मनोज को वाहन हटाने की पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी और दोनों ऑटो की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद मनोज का ऑटो सड़क किनारे गहरी नाली में जा गिरा, जबकि विश्वजीत का ऑटो सीधे एक खड़े ट्रेलर के नीचे जा घुसा।घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने इस दुर्घटना के लिए केवल तेज रफ्तार को ही नहीं, बल्कि चित्तरंजन रेल कारखाना प्रशासन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि टाइम ऑफिस गेट के पास पार्किंग की सुविधा होने के बावजूद अधिकांश ट्रेलर तीन नंबर गेट के बाहर मुख्य सड़क के दोनों ओर खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।स्थानीय नागरिकों ने बताया कि हादसे के समय हल्की बारिश हो रही थी, जिससे दृश्यता पहले ही कम थी। ऊपर से सड़क पर बड़े ट्रेलरों की पार्किंग और जगह-जगह बने गड्ढों ने हालात और अधिक खतरनाक बना दिए। लोगों ने प्रशासन से सड़क किनारे ट्रेलरों की पार्किंग पर रोक लगाने, सड़क की मरम्मत कराने और यातायात व्यवस्था में सुधार की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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