न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 15 सितंबर चित्तरंजन। चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (सीएलडब्ल्यू) की खाली पड़ी जमीन के बेहतर इस्तेमाल को लेकर चित्तरंजन रेलवे मेंस कांग्रेस (सीआरएमसी)/एनएफआईआर/इंटक ने एक नई पहल का प्रस्ताव रखा है। यूनियन ने प्रशासन से अनुपयोगी भूमि के उपयुक्त हिस्सों को लीज पर देकर कृषि एवं संबंधित गतिविधियां शुरू कराने की मांग की है।यह प्रस्ताव 18 अगस्त 2026 को सीएलडब्ल्यू के महाप्रबंधक के साथ हुई बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने रखा। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि लंबे समय से खाली पड़ी जमीन का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए तो इससे रेलवे कर्मचारियों के साथ पूरे टाउनशिप को कई स्तरों पर फायदा मिल सकता है।यूनियन के अनुसार, ऐसी जमीन पर सब्जियों, फलों और अन्य कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ दुग्ध उत्पादन की संभावनाएं भी विकसित की जा सकती हैं। इससे रेलकर्मियों को बाहर के आपूर्तिकर्ताओं पर ताजा दूध, फल और सब्जियों के लिए निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।सीआरएमसी अध्यक्ष संजय कुमार शाही ने प्रस्ताव की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे खाली भूमि का उत्पादक इस्तेमाल सुनिश्चित होने के साथ कर्मचारियों और चित्तरंजन टाउनशिप को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है।वहीं, सीआरएमसी के महासचिव इंद्रजीत सिंह ने महाप्रबंधक द्वारा प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाने के लिए आभार जताया। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि सीएलडब्ल्यू प्रशासन कर्मचारी हित से जुड़े ऐसे व्यावहारिक और रचनात्मक सुझावों को आगे भी प्रोत्साहित करेगा।यूनियन का कहना है कि खाली जमीन के नियमित उपयोग और रखरखाव से जंगली झाड़ियों व खरपतवार की समस्या भी कम होगी, जिससे टाउनशिप का वातावरण अधिक स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। CRMC/NFIR/INTUC ने कर्मचारी कल्याण और टाउनशिप सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में ऐसे प्रयास जारी रखने की बात कही है।
सीएलडब्ल्यू की खाली जमीन पर खेती का प्रस्ताव, कर्मचारियों को मिलेगा ताजा दूध-सब्जियों का लाभ

