न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 5 जुलाई 2026 चित्तरंजन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चित्तरंजन नगर एवं सालानपुर खंड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय प्रारंभिक प्रशिक्षण वर्ग का सफल समापन हुआ। अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और संगठनात्मक ऊर्जा से भरपूर इस शिविर में करीब 150 स्वयंसेवकों ने भाग लेकर संघ की कार्यपद्धति और सेवा भावना को निकट से समझा।तीन दिनों तक चले इस प्रशिक्षण वर्ग में स्वयंसेवकों को शारीरिक, मानसिक और वैचारिक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान योग, व्यायाम, दंड संचालन, नियुद्ध अभ्यास, पारंपरिक खेल, गीत, समूह गतिविधियां और दैनिक शाखा की कार्यप्रणाली का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही बौद्धिक सत्रों के माध्यम से संघ के इतिहास, विचार, सामाजिक समरसता, राष्ट्र निर्माण और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।प्रशिक्षण वर्ग का उद्देश्य केवल शारीरिक दक्षता बढ़ाना नहीं था, बल्कि स्वयंसेवकों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, संगठन कौशल और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी था। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष समाज को संगठित करने, सेवा कार्यों का विस्तार करने और राष्ट्रहित में युवाओं की सकारात्मक भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।शिविर के दौरान सामूहिक प्रार्थना, समूह चर्चा और विभिन्न अभ्यासों के माध्यम से स्वयंसेवकों में आपसी समन्वय, आत्मविश्वास और सेवा भाव को मजबूत किया गया। पूरे आयोजन में अनुशासन और आत्मीयता का वातावरण देखने को मिला। प्रतिभागियों ने भी प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।आयोजकों के अनुसार, शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित यह प्रारंभिक वर्ग चित्तरंजन नगर और सालानपुर खंड के लिए विशेष महत्व रखता है। शिविर से प्रेरित स्वयंसेवक अब सामाजिक सेवा, जनजागरण और संगठन विस्तार के कार्यों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएंगे।समापन समारोह में प्रमुख रूप से प्रदीप सिंह, अभिजीत किशोर मजूमदार, देवराज, श्यामल मुर्मू, विप्लव झा, रंजीत सिंह, राजा आचार्य सहित चित्तरंजन नगर एवं सालानपुर खंड के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी ने शताब्दी वर्ष के दौरान संगठन के सेवा एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
संघ के शताब्दी वर्ष में चित्तरंजन-सालानपुर का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न, 150 स्वयंसेवकों ने लिया संस्कार और संगठन का प्रशिक्षण
