न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 11 जुलाई 2026 जामताड़ा। झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के सातवें दो दिवसीय राज्य सम्मेलन का शुभारंभ शनिवार को जामताड़ा के जी.के. पैलेस सभागार में उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। राज्यभर से पहुंचे कर्मचारी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सम्मेलन की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया।उद्घाटन सत्र में एआईसीसीटीयू, नई दिल्ली के महासचिव कामरेड राजीव डिमरी, राज्य सचिव भूषण कुमार, झारखंड महासचिव कामरेड शुभेंदु सेन, सिंघेश्वर सिंह, स्वागताध्यक्ष अरविंद प्रसाद, प्रेम चंद्र सिन्हा (गोप गुट), संरक्षक अर्जून सिंह तथा अशोक चौधरी मंचासीन रहे। वक्ताओं ने कर्मचारियों के अधिकारों, सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से अपनी बातें रखीं।सम्मेलन के पहले दिन सबसे अधिक जोर अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, वेतन संबंधी विसंगतियों के निस्तारण और पदोन्नति व्यवस्था में सुधार जैसे विषयों पर रहा। मुख्य वक्ता कामरेड राजीव डिमरी ने कहा कि छठे वेतन पुनरीक्षण समिति की अनुशंसाओं को पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग उठाई कि सभी पात्र चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को तृतीय वर्ग का दर्जा दिया जाए तथा तृतीय वर्ग के रिक्त पदों में आधे पदों पर उन्हें वरीयता के आधार पर पदोन्नति मिले।उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चारों श्रम संहिताओं पर रोक लगाने की मांग दोहराते हुए मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के नाम पर कथित रूप से एनआरसी लागू करने संबंधी आदेश वापस लेने की भी मांग की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू होती है तो कर्मचारियों के राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत जमा अंशदान को वापस किया जाए अथवा उसे सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते में समायोजित किया जाए।महासंघ के मुख्य संरक्षक तारणी प्रसाद कामत ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियां कर्मचारियों एवं श्रमिकों के हितों के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई है। ऐसे समय में सभी कर्मचारी संगठनों को साझा मंच पर आकर अपने अधिकारों की लड़ाई को और मजबूत करना होगा।सम्मेलन में बताया गया कि महासंघ ने कर्मचारियों से जुड़े कुल 25 प्रमुख मांगपत्र सरकार के समक्ष रखे हैं। कार्यक्रम में झारखंड के सभी 24 जिलों के साथ 78 कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा नई दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने सम्मेलन को व्यापक स्वरूप दिया। सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के साथ संगठन की आगामी रणनीति और आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
जामताड़ा में कर्मचारी महासंघ का शक्ति प्रदर्शन, स्थायीकरण से ओपीएस तक 25 मांगों पर सरकार को दिया संदेश
