ग्रामसभा बनी जनसुविधाओं की ताकत: लाधना में आधार लिंक शिविर सफल, माझीहार में पंचायत स्तर पर नई मांगों की उठी आवाज

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 11 जुलाई 2026 जामताड़ा। जामताड़ा प्रखंड की लाधना और बेवा पंचायत में ग्रामसभा की पहल से ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। एक ओर लाधना पंचायत कार्यालय में आधार कार्ड को मोबाइल नंबर से जोड़ने के लिए विशेष शिविर आयोजित किया गया, वहीं दूसरी ओर बेवा पंचायत के माझीहार गांव में आयोजित ग्रामसभा की बैठक में ग्रामीणों ने जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए पंचायत स्तर पर नियमित शिविर लगाने की मांग रखी।लाधना पंचायत कार्यालय में आयोजित विशेष शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को आधार से मोबाइल नंबर लिंक कराने में सहायता उपलब्ध कराना था, ताकि वे विभिन्न सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं का निर्बाध लाभ प्राप्त कर सकें। शिविर में ग्राम प्रधान हेमंत किस्कू और पंचायत की मुखिया पार्बती सोरेन मौजूद रहीं तथा पूरे कार्यक्रम की निगरानी की।शिविर के सफल संचालन में ओंकार सेवा संस्थान की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। संस्थान के संतोष पाल, गौरव सिंह, सोनाली बाउरी, शांति किस्कू और सुचिंद्र भगत ने लाभार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा दस्तावेजों की जांच और प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया। दिनभर चले इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपने आधार कार्ड से मोबाइल नंबर जोड़ने की प्रक्रिया पूरी कराई। ग्रामीणों ने इसे समय की जरूरत बताते हुए ग्रामसभा और ओंकार सेवा संस्थान के संयुक्त प्रयास की सराहना की।इसी क्रम में बेवा पंचायत के माझीहार गांव स्थित गांधी चबूतरा पर ग्राम प्रधान सोनू हेम्ब्रम की अध्यक्षता में ग्रामसभा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में ग्रामीणों ने राशन कार्ड में नए सदस्यों का नाम जोड़ने, आधार को मोबाइल नंबर से लिंक कराने तथा अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उपस्थित लोगों ने पंचायत स्तर पर नियमित विशेष शिविर आयोजित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे ग्रामीणों को प्रखंड कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।बैठक में ओंकार सेवा संस्थान के अनिल मुर्मू, सुचिंद्र भगत, मिलन राणा और स्वपन रॉय ने भाग लिया। उन्होंने ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ग्रामसभा को सशक्त बनाने और विकास कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।दोनों कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि यदि ग्रामसभा, पंचायत प्रतिनिधि और सामाजिक संस्थाएं मिलकर कार्य करें तो सरकारी सेवाओं को गांव के अंतिम व्यक्ति तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है। ग्रामीणों ने भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी शिविर नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।

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