न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 24 जुलाई 2026 आसनसोल। पश्चिम बंगाल में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों से जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। इसी क्रम में पुलिस ने आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र के सालानपुर और बाराबनी ब्लॉकों के कई पंचायत कार्यालयों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से संबंधित रजिस्टर, अभिलेख और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए गए। प्रशासन का कहना है कि यह कदम जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है।जानकारी के अनुसार, सालानपुर ब्लॉक की 11 पंचायतों तथा बाराबनी ब्लॉक की 8 पंचायतों में पुलिस टीम पहुंची। अधिकारियों ने संबंधित कार्यालयों में मौजूद पंजीकरण रजिस्टरों और रिकॉर्ड की जांच की तथा आवश्यक दस्तावेज जब्त कर लिए। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि कहीं नियमों के विपरीत प्रमाणपत्र तो जारी नहीं किए गए।दरअसल, राज्य में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में कथित गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने जांच के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान कुछ स्थानों पर संदिग्ध तरीके से प्रमाणपत्र जारी किए गए। इन्हीं शिकायतों की सच्चाई जानने के लिए विभिन्न जिलों में पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं।इसी बीच राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने नई व्यवस्था की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि अब जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार किसी भी नगर निकाय के अध्यक्ष या पंचायत प्रधान के पास नहीं रहेगा। आगे से केवल अधिकृत सरकारी अधिकारी ही ऐसे प्रमाणपत्र जारी कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और अनियमितताओं पर रोक लगेगी।मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि जांच के दौरान प्रमाणपत्र वितरण में कई स्तरों पर विसंगतियों के संकेत मिले हैं। पुलिस को भी फर्जी प्रमाणपत्रों से संबंधित अनेक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसलिए वर्ष 1997 से अब तक जारी सभी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों का चरणबद्ध सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए घर-घर जाकर दस्तावेजों की जांच की जाएगी और यदि कोई प्रमाणपत्र फर्जी या नियमों के विरुद्ध पाया गया तो उसे निरस्त कर दिया जाएगा।हालांकि राज्य सरकार ने आम लोगों से घबराने की जरूरत नहीं बताई है। प्रशासन का कहना है कि सत्यापन अभियान का उद्देश्य केवल व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच की पूरी प्रक्रिया केवल अधिकृत सरकारी कर्मचारियों द्वारा ही की जाएगी, किसी संविदाकर्मी को यह जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी। फिलहाल सालानपुर और बाराबनी में हुई पुलिस कार्रवाई को राज्यव्यापी जांच अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों पर बड़ा एक्शन: सालानपुर और बाराबनी के पंचायत कार्यालयों में पुलिस की छापेमारी, रिकॉर्ड जब्त
