न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 25 जुलाई चित्तरंजन। चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (चिरेका) में ड्यूटी के दौरान वरिष्ठ तकनीशियन नीलाद्रि दास रॉय के निधन के बाद रेलकर्मियों में गहरा शोक और रोष व्याप्त है। घटना को लेकर चित्तरंजन रेलवेमेन्स कांग्रेस ने प्रबंधन की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करते हुए मुख्य बिजली इंजीनियर (लोको) को ज्ञापन सौंपकर कई गंभीर मांगें उठाई हैं।यूनियन के मुताबिक, 23 जुलाई की सुबह लगभग 11:50 बजे नीलाद्रि दास रॉय लोको टीजी-4667 पर अपने नियमित कार्य में जुटे थे। इसी दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और वे कार्यस्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। कर्मचारियों ने तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए सूचना दी, लेकिन आरोप है कि एम्बुलेंस को मौके तक पहुंचने में करीब 35 से 40 मिनट का समय लग गया। इतना ही नहीं, एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर जैसी बुनियादी जीवनरक्षक सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई।गंभीर हालत में उन्हें पहले केजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर स्थित हेल्थ वर्ल्ड अस्पताल रेफर किया गया। तमाम प्रयासों के बावजूद रात करीब 10 बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी मौत हृदयाघात के कारण हुई।घटना के बाद चित्तरंजन रेलवेमेन्स कांग्रेस के महासचिव इंद्रजीत सिंह के नेतृत्व में यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य बिजली इंजीनियर (लोको) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, मृतक के परिजनों को समुचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, सभी लंबित वित्तीय देयों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने तथा परिवार के एक आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की मांग की गई है।यूनियन ने स्पष्ट कहा कि इस दुखद घटना ने चिरेका की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। कर्मचारियों की सुरक्षा और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, पर्याप्त संसाधनों और त्वरित आपातकालीन व्यवस्था को तत्काल सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है।
ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मौत से उठे सवाल: चिरेका में स्वास्थ्य व्यवस्था पर रेलकर्मियों का फूटा आक्रोश
