न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 2 अगस्त कुल्टी। पुरुलिया स्थित डीवीसी ताप विद्युत केंद्र से प्रतिदिन बड़ी संख्या में फ्लाई ऐश (राख) से लदे ट्रक विभिन्न राज्यों और औद्योगिक क्षेत्रों की ओर रवाना होते हैं। हालांकि वाहनों को तिरपाल से ढंककर भेजा जाता है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रकों के निचले हिस्सों से लगातार राख झरती रहती है। इसके कारण कुल्टी के डिसेरगढ़ से लेकर नियामतपुर न्यू रोड होते हुए चित्तरंजन तक कई किलोमीटर लंबा मार्ग धूल और राख की मोटी परत से ढक गया है।रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों, बाइक चालकों, चारपहिया वाहन संचालकों और सड़क किनारे कारोबार करने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन गुजरते ही राख और धूल का गुबार हवा में फैल जाता है, जिससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है। लोगों का कहना है कि इस स्थिति से सांस संबंधी समस्याएं, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं।स्थानीय निवासियों के अनुसार, उड़ती धूल के कारण सड़क पर दृश्यता भी प्रभावित होती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, सड़क किनारे स्थित घरों, दुकानों और पेड़-पौधों पर भी रोजाना राख की परत जम रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। पहले भी कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल सका। लोगों ने मांग की है कि केवल तिरपाल लगाने के बजाय ट्रकों से राख रिसाव रोकने के लिए प्रभावी तकनीकी उपाय लागू किए जाएं और परिवहन एजेंसियों की नियमित निगरानी हो।इधर रविवार को नियामतपुर ट्रैफिक पुलिस ने राख परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई चालकों को चेतावनी दी गई तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले दो ट्रकों पर जुर्माना लगाया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में कुछ राहत और उम्मीद की भावना देखी जा रही है।
उड़ती राख से घुट रहा सफर: सैकड़ों ऐश ट्रकों ने सड़क को बनाया धूल का गलियारा, लोगों में बढ़ी नाराजगी
