जामताड़ा हाईवे पर देर रात पुलिस-गैंगस्टर मुठभेड़, कुख्यात सुजीत सिन्हा ढेर; 18 साल बाद जिले में बड़ा एनकाउंटर, जाने डॉन बनने की कहानी

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 3 अगस्त जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा जिले में रविवार देर रात साहिबगंज-गोविंदपुर हाईवे पर पुलिस और कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के बीच हुई मुठभेड़ में उसका अंत हो गया। पुलिस के अनुसार, साहिबगंज से धनबाद सेंट्रल जेल ले जाए जाने के दौरान जामताड़ा टाउन थाना क्षेत्र के सुपायडीह गांव के पास पुलिस वाहन का टायर अचानक पंचर हो गया। इसी दौरान सुजीत ने पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश की और कथित रूप से एक जवान की इंसास रायफल छीनकर हमला करने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।बताया गया कि साहिबगंज डीएसपी नितिन खंडेलवाल के नेतृत्व में सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच आरोपी को धनबाद ले जाया जा रहा था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचे। पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया तथा सुरक्षा कारणों से साहिबगंज-गोविंदपुर हाईवे पर यातायात को कई घंटों तक डायवर्ट रखा गया।पुलिस ने घटनास्थल को पूरी तरह सील कर दिया और वैज्ञानिक जांच के लिए रांची से फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। एफएसएल की जांच पूरी होने तक शव को घटनास्थल से नहीं हटाया गया, जिसके कारण कई घंटे तक पुलिस पूरे इलाके में निगरानी बनाए रही। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।सुजीत सिन्हा झारखंड के चर्चित अपराधियों में गिना जाता था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, हथियार तस्करी, शस्त्र अधिनियम और संगठित अपराध से जुड़े 50 से अधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। वह पहले कुख्यात सुशील श्रीवास्तव गिरोह से जुड़ा था, लेकिन बाद में अपना अलग नेटवर्क बनाकर कई जिलों में आपराधिक गतिविधियां संचालित करने लगा। व्यवसायियों से रंगदारी वसूलना और हथियारों के दम पर दहशत फैलाना उसकी पहचान बन चुकी थी।अपराध की दुनिया में उसका पहला बड़ा मामला वर्ष 2005 में सामने आया, जब कथित तौर पर मामूली विवाद में एक रिक्शा चालक की हत्या कर दी गई। इसके बाद बमबाजी, रंगदारी और वर्ष 2007 के चर्चित बेलवाटीकर डबल मर्डर केस ने उसे अपराध जगत का बड़ा नाम बना दिया। इस मुठभेड़ के साथ जामताड़ा में करीब 18 वर्षों बाद पुलिस की ऐसी बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, जिसने पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था और पुलिस ऑपरेशन को लेकर नई चर्चा छेड़ दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *