न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 3 अगस्त मिहिजाम। मिहिजाम स्थित जनजातीय संध्या डिग्री महाविद्यालय में स्नातक (यूजी) सेमेस्टर-1, सत्र 2026-30 के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक गतिविधियों की औपचारिक शुरुआत परिचय एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम के साथ हुई। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. कृष्ण मोहन साह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, नियमों और उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराना था।कार्यक्रम का संचालन प्रो. शबनम खातून ने किया। उन्होंने संथाली, हिन्दी, भूगोल, अर्थशास्त्र, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, इतिहास, वाणिज्य, जीवन विज्ञान तथा गणित विभाग के शिक्षकों का परिचय कराया। सभी विभागाध्यक्षों और प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, अध्ययन पद्धति और विभागीय गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।इस दौरान आईक्यूएसी (IQAC) की ओर से महाविद्यालय में संचालित विभिन्न प्रकोष्ठों, जैसे एंटी रैगिंग सेल, शिकायत निवारण समिति, खेलकूद प्रकोष्ठ, पुस्तकालय, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), नामांकन एवं परीक्षा शाखा सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी भी साझा की गई।अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो. कृष्ण मोहन साह ने विद्यार्थियों से नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने, समय पर आंतरिक एवं बाह्य परीक्षाओं में शामिल होने और महाविद्यालय की सभी शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पूरे अध्ययनकाल तक यथासंभव नहीं बदलें, ताकि परीक्षा प्रपत्र, प्रवेश पत्र, परिणाम और छात्रवृत्ति से जुड़ी सूचनाएं समय पर प्राप्त होती रहें। उन्होंने छात्र संसाधन केंद्र, विश्वविद्यालय की वेबसाइट, पुस्तकालय और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने की भी सलाह दी।कार्यक्रम के अंत में डॉ. सोमेन सरकार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर शंभू सिंह, डॉ. राकेश रंजन, राम प्रकाश दास, सतीश कुमार शर्मा, बास्की नाथ प्रसाद, बाल्मिकी प्रसाद गुप्ता, अमिता सिंह, पूनम कुमारी, डॉ. किरण बरनवाल, देवकी पंजीयारा, दिनेश किस्कू, उपेंद्र कुमार पाण्डेय, दिनेश रजक, अमित शर्मा सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
जनजातीय संध्या डिग्री महाविद्यालय में नए विद्यार्थियों का भव्य स्वागत, प्राचार्य ने दी अनुशासन और नियमित अध्ययन की सीख
