न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 3 अगस्त बाराबनी। पश्चिम बर्दवान जिले के बाराबनी क्षेत्र में पंचायत समिति की कार्यप्रणाली लंबे समय से बाधित रहने के कारण विकास योजनाओं पर असर पड़ रहा है। इस स्थिति से चिंतित होकर बाराबनी के विधायक अरिजीत रॉय की पहल पर बाराबनी सामुदायिक विकास (सीडी) कार्यालय में एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और पार्टी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।बैठक में पंचायत समिति की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। जानकारी दी गई कि समिति की कुल 23 निर्वाचित सीटों में से 13 सदस्य अपने पद से त्यागपत्र सौंप चुके हैं, जबकि शेष 10 सदस्यों ने अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है। परिणामस्वरूप आवश्यक कोरम नहीं बन पा रहा है, जिससे पंचायत समिति की बैठकें आयोजित नहीं हो रही हैं और कई विकास योजनाओं की स्वीकृति तथा क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है।विधायक अरिजीत रॉय ने कहा कि पंचायत समिति के निष्क्रिय रहने का सीधा असर ग्रामीण जनता पर पड़ रहा है। सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, मनरेगा के तहत रोजगार, विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ तथा अन्य आवश्यक नागरिक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने शेष सदस्यों से जल्द आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पंचायत समिति को पुनः सक्रिय बनाने की अपील की।बैठक में बाराबनी के बीडीओ शिलादित्य भट्टाचार्य, बाराबनी थाना प्रभारी दिव्येंदु मुखर्जी, बाराबनी मंडल-1 के अध्यक्ष प्रोसेनजीत गराई, मंडल-2 की अध्यक्ष सोना बंदोपाध्याय सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।चर्चा के दौरान निर्णय लिया गया कि पूरे मामले से संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। साथ ही जिन सदस्यों ने अभी तक त्यागपत्र नहीं सौंपा है, उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी कराने का प्रयास किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्तर पर भी हस्तक्षेप की मांग की जाएगी, ताकि पंचायत समिति की नियमित कार्यप्रणाली बहाल हो सके।स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पहल से जल्द गतिरोध समाप्त होगा और रुके हुए विकास कार्यों को फिर से गति मिलेगी।
बाराबनी पंचायत समिति में गतिरोध से विकास कार्य प्रभावित, समाधान को लेकर विधायक अरिजीत रॉय ने बुलाई विशेष बैठक
