न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 15 अगस्त चित्तरंजन। संत निरंकारी मिशन दिल्ली के तत्वावधान में संत निरंकारी मंडल की चित्तरंजन शाखा द्वारा शनिवार को एरिया-5 कम्युनिटी हॉल में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच ‘मुक्ति पर्व’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान आसनसोल सेक्टर की विभिन्न शाखाओं से पहुंचे महात्माओं और श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।कार्यक्रम में भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन, पश्चिम बर्धमान के मंडल अध्यक्ष सह जिला अध्यक्ष डॉ. बिनय कुमार बतौर अतिथि शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संत निरंकारी मिशन का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि मानव जीवन में प्रेम, सेवा, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की सहायता और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का हिस्सा होना चाहिए।सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के संदेश और आशीर्वचनों को संगत तक पहुंचाने के लिए पूज्य बहन कृष्णा सिंह, मुखी बोलपुर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने सतगुरु के बताए जीवन मूल्यों को आत्मसात करने और सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य परमात्मा की अनुभूति करना है। परमात्मा सर्वव्यापी है और सतगुरु की कृपा से ही उसके वास्तविक स्वरूप का बोध संभव है। दूर-दराज से आए महात्माओं ने भजन, गीत और प्रेरक विचारों के माध्यम से मुक्ति पर्व की महत्ता पर प्रकाश डाला।समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए लंगर प्रसाद की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में चित्तरंजन शाखा के ब्रांच मुखी महात्मा बच्ची लाल, विभिन्न शाखाओं के मुखी एवं इंचार्ज, सेवादल के अधिकारी तथा भाई-बहनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समारोह का समापन प्रेम, सेवा, मानवता और भाईचारे के संदेश के साथ हुआ।
चित्तरंजन में भक्ति के रंग में रंगा ‘मुक्ति पर्व’, प्रेम और मानवता का संदेश लेकर लौटी संगत

