आठ दिन से मोक्ष के इंतजार में दो शव, अस्पताल और प्रशासन के बीच फंसा अंतिम संस्कार

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 26 अगस्त जामताड़ा। जामताड़ा सदर अस्पताल में दो लावारिस शव पिछले कई दिनों से अंतिम संस्कार की प्रतीक्षा में पड़े हैं। एक शव के परिजन होने की जानकारी मिलने के बावजूद उनके शव लेने से इनकार करने की बात सामने आई है। वहीं दूसरे मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। शवों के अंतिम संस्कार को लेकर अस्पताल प्रबंधन और पुलिस-प्रशासन के बीच जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।जानकारी के अनुसार, मिहिजाम के कांगोई निवासी सोहाडी मरांडी की इलाज के दौरान 20 अगस्त को मौत हो गई थी। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से संपर्क करने के लिए 9931338001 और 6205081580 नंबरों पर फोन किया। शुरुआती बातचीत के बाद कथित तौर पर फोन उठाना बंद कर दिया गया। स्थानीय लोगों से जानकारी लेने पर पता चला कि मृतका के परिजन घर छोड़कर कहीं अन्यत्र चले गए हैं।दूसरा शव एक वृद्ध व्यक्ति का है, जिसे 19 अगस्त की रात करीब आठ बजे सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़ा पाया गया था। पुलिस की मदद से 108 एंबुलेंस के जरिए उसे सदर अस्पताल लाया गया। चेहरे पर मामूली चोट थी, जिसकी ड्रेसिंग के बाद उसे मेल वार्ड में भर्ती किया गया। अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर इलाजरत इस वृद्ध की 23 अगस्त को मौत हो गई।अब दोनों शव अस्पताल में पड़े हैं और अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधक विनीत कुमार ने बताया कि पुलिस को मामले की सूचना दी जा चुकी है और अस्पताल प्रबंधन लावारिस शवों का अंतिम संस्कार नहीं करता।इधर पुलिस का कहना है कि रिम्स, रांची में लावारिस शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जाती रही है, तो सदर अस्पताल स्तर पर भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। पुलिस के अनुसार दोनों शवों के संबंध में लिखित सूचना दी गई है और अंतिम संस्कार कराने का प्रयास किया जाएगा।इस पूरे मामले ने अस्पताल और प्रशासन के बीच लावारिस शवों के अंतिम संस्कार की स्पष्ट व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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