न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 1 सितंबर जामताड़ा। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान के लिए जामताड़ा जिले से दो शिक्षकों का नाम राज्य स्तरीय समिति के समक्ष भेजा गया है। इनमें राजकीयकृत प्लस टू विद्यालय, मिहिजाम के शिक्षक डॉ. अरुण कुमार वर्मा और उत्क्रमित मध्य विद्यालय सहजपुर, करमाटांड़ के शिक्षक राजन आसरे शामिल हैं। दोनों शिक्षकों ने पढ़ाई-लिखाई को महज कक्षा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि शिक्षा के जरिए सामाजिक बदलाव की दिशा में भी उल्लेखनीय पहल की है।डॉ. अरुण कुमार वर्मा ने वर्ष 2000 में ऐसे ग्रामीण इलाके में शिक्षा का केंद्र खड़ा किया, जहां माध्यमिक स्तर की पढ़ाई के लिए बच्चों को दूर जाना पड़ता था। महज छह विद्यार्थियों से शुरू हुआ उनका यह प्रयास आज सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालय के रूप में विकसित हो चुका है। वर्तमान में यहां 600 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उनके मार्गदर्शन से अब तक 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने शिक्षा हासिल की है, जिनमें कई विभिन्न पेशों के साथ खेल के क्षेत्र में भी पहचान बना चुके हैं।शिक्षण के अलावा डॉ. वर्मा ने लेखन और शोध के माध्यम से भी शिक्षा व हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान दिया। उनकी पुस्तकों में ‘मधुशाला फिर से’ और ‘रजनी आमंत्रण’ प्रमुख हैं।राजन आसरे ने विद्यालय परिसर को हराभरा बनाने के साथ बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की समझ विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने पोषक क्षेत्र की 25 बच्चियों का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नामांकन कराने में अहम भूमिका निभाई। नियमित उपस्थिति के लिए घर-घर संपर्क के साथ स्वच्छता, नशामुक्ति और बाल विवाह विरोधी अभियानों में भी सक्रिय रहे।दोनों शिक्षकों के शैक्षणिक और सामाजिक योगदान को देखते हुए उनके नाम राज्य पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। अब अंतिम निर्णय राज्य स्तरीय समिति को करना है।
डॉ. अरुण वर्मा और राजन आसरे का चयन प्रस्तावित, शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों में भी छोड़ी अलग छाप

