न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 2 सितंबर रूपनारायणपुर/सालानपुर। गर्भावस्था के दौरान कराई गई थैलेसीमिया जांच की रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने को लेकर रूपनारायणपुर ग्रामीण अस्पताल (पिठाकियारी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। आरोप है कि एक गर्भवती महिला की बीटा थैलेसीमिया कैरियर रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद करीब साढ़े तीन महीने तक परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी गई। मामले को लेकर रूहित धाबल देव ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (BMOH) को लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की है।शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी पत्नी की गर्भावस्था के दौरान अस्पताल में थैलेसीमिया की जांच कराई गई थी। 11 मई 2026 को नमूना लिया गया, जबकि 18 मई को जांच हुई और 19 मई को रिपोर्ट तैयार कर दी गई। रिपोर्ट में उनकी पत्नी को बीटा थैलेसीमिया कैरियर बताया गया है। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद अस्पताल की ओर से परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी गई।रूहित देव का कहना है कि उन्होंने रिपोर्ट के लिए कई बार अस्पताल का चक्कर लगाया और जानकारी लेने का प्रयास किया। अंततः एक सितंबर 2026 को उन्हें रिपोर्ट सौंपी गई। यानी रिपोर्ट तैयार होने के लगभग साढ़े तीन महीने बाद परिवार को इसकी जानकारी मिली।उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान थैलेसीमिया कैरियर होने की जानकारी महत्वपूर्ण होती है। समय रहते रिपोर्ट मिलने पर चिकित्सकीय सलाह लेने, पति की जांच कराने और आगे की आवश्यक प्रक्रिया पर निर्णय लेने का अवसर मिल सकता था। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।इधर, अस्पताल के BMOH डॉ. तन्मय मंडल ने बताया कि उन्हें लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट तैयार, लेकिन तीन महीने तक नहीं मिली जानकारी: गर्भवती को थैलेसीमिया कैरियर बताए जाने का मामला

