न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 3 सितंबर जामताड़ा। पाकडीह मौजा में हनुमान मंदिर के समीप स्थित करीब छह एकड़ जमीन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद एक बार फिर सामने आ गया है। बुधवार को पाकडीह के ग्रामीणों ने मीडिया के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए जमीन पर अपने अधिकार का दावा किया। ग्रामीणों ने कहा कि उनके पास जमीन से संबंधित पुराने रिकॉर्ड से लेकर न्यायालय के आदेश तक के दस्तावेज उपलब्ध हैं। साथ ही उन्होंने सहाना दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से जमीन पर किए जा रहे दावे के समर्थन में प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग की।ग्रामीण नारायण मंडल ने बताया कि विवादित भूमि पूर्व में केशव चंद्र दत्त के नाम से जुड़ी थी। उनके निधन के बाद वर्ष 1968-69 में तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष जमीन से संबंधित मामला चला। इसके बाद जमीन पर सहाना, पाकडीह सहित अन्य पक्षों ने अलग-अलग आधार पर अपना अधिकार जताया।नारायण मंडल के मुताबिक, जमीन का मामला कई दशकों तक विभिन्न न्यायिक एवं प्रशासनिक स्तरों पर चलता रहा। अलग-अलग समय में पक्षकारों के पक्ष में आदेश और डिग्री होने के बाद मामला अंततः हाईकोर्ट तक पहुंचा। उनका दावा है कि बाद में तीनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवाद सुलझाने का प्रयास किया गया। समझौते के तहत अमीन से भूमि की मापी कराई गई और स्थल का नक्शा भी तैयार कराया गया।ग्रामीणों का कहना है कि हाईकोर्ट ने आपसी समझौते को स्वीकार करते हुए डिग्री पारित की। उनके पास फोती से संबंधित कागजात, जमीन की मापी, नक्शा और न्यायालय के आदेश मौजूद हैं।ग्रामीणों ने कहा कि यदि सहाना पक्ष का दावा है कि जमीन दुर्गा मां की संपत्ति है, तो उसके समर्थन में वैध दस्तावेज सामने रखे जाएं। उन्होंने प्रशासन से भी सभी पक्षों के दस्तावेजों और पूर्व के न्यायिक आदेशों की जांच कर जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उनका कहना है कि कागजात के आधार पर स्थिति साफ होने से विवाद को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।
छह एकड़ जमीन पर फिर आमने-सामने दावे, पाकडीह के ग्रामीणों ने कहा- कागजात से साबित करें हक

