जामताड़ा पुलिस का साइबर ठगों पर शिकंजा, दो शातिर गिरफ्तार; फर्जी केवाईसी और कैशबैक के नाम पर करते थे ठगी

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 1 जुलाई 2026 जामताड़ा। जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी अलग-अलग तरीकों से देशभर के लोगों को निशाना बनाकर ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से छह मोबाइल फोन, सात सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।साइबर पुलिस उपाधीक्षक अमित रविदास ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। उनके निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) अमित कुमार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने पहले करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ताराबहाल से नवाडीह जाने वाली सड़क के समीप एक बंद मकान के बाहर छापेमारी कर साइबर अपराध में संलिप्त रईस अंसारी (26) को गिरफ्तार किया। इसके बाद नारायणपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर-तारासेठिया मार्ग पर ललकी गांव के पास पुलिया के समीप छापेमारी कर अहमद अंसारी (26) को दबोच लिया।पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार रईस अंसारी खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन करता था। वह इंडियन बैंक का एटीएम कार्ड बंद होने की झूठी जानकारी देकर केवाईसी अपडेट कराने का झांसा देता था और इसी बहाने एटीएम कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर खातों से रकम उड़ा लेता था।वहीं दूसरा आरोपी अहमद अंसारी फोनपे पर 999 रुपये के कैशबैक का फर्जी संदेश भेजकर लोगों को लालच देता था। जैसे ही पीड़ित कैशबैक स्वीकार करता, उसकी रकम साइबर ठगों द्वारा संचालित फर्जी एप्लीकेशन के माध्यम से उनके खाते में पहुंच जाती थी। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी मुख्य रूप से देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बनाकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे।इस मामले में साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 40/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)-2023, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा दूरसंचार अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर इनके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।प्रेस वार्ता में साइबर पुलिस उपाधीक्षक अमित रविदास ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, केवाईसी अपडेट, बैंक खाते या कैशबैक के नाम पर मांगी जाने वाली गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इस दौरान साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल भी मौजूद रहे।

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