मंत्री के दौरे के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, एंबुलेंस नहीं मिलने से टोटो में अस्पताल पहुंची सर्पदंश पीड़िता की मौत

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 1 जुलाई 2026 जामताड़ा। स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले जामताड़ा में मंगलवार को सामने आई एक दर्दनाक घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि सर्पदंश की शिकार एक महिला को समय पर एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल सकी, जिसके कारण परिजन उसे टोटो से सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में उपचार शुरू होने के कुछ समय बाद महिला की मौत हो गई। यह घटना ऐसे समय हुई, जब सदर अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर थीं।जानकारी के अनुसार सदर प्रखंड की गोपालपुर पंचायत के दूधकेबड़ा गांव निवासी सेंजली किस्कू को सर्पदंश के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने तत्काल सरकारी 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क कर अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। परिजनों का आरोप है कि कई बार कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। महिला की हालत लगातार गंभीर होती देख परिवार के लोगों ने इंतजार करने के बजाय टोटो की व्यवस्था की और उसे किसी तरह जामताड़ा सदर अस्पताल पहुंचाया।बताया जाता है कि अस्पताल पहुंचने तक महिला की स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी। चिकित्सकों ने तत्काल इलाज शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नाराजगी और चर्चा का माहौल बन गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस दिन जिले में स्वास्थ्य मंत्री के कार्यक्रम को लेकर अस्पताल प्रशासन पूरी तरह तैयारियों में जुटा था, उसी दिन एक गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस सुविधा नहीं मिलना व्यवस्था की बड़ी विफलता को दर्शाता है। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि आपातकालीन सेवाएं प्रभावी ढंग से संचालित होतीं तो शायद महिला को समय पर इलाज मिल सकता था।घटना के बाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब संकट की घड़ी में मरीजों को बिना देरी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर संकेत करती है कि स्वास्थ्य व्यवस्था की प्राथमिकता केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि आम लोगों तक समय पर और प्रभावी चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना ही व्यवस्था की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। अब इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया और एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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