न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल मित्रा 16 सितंबर आसनसोल। अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक हासिल करने वाली बंगाल की योगासन खिलाड़ी पंपा पाल अब सरकारी स्तर पर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अवसर नहीं मिलने से निराश हैं। थाईलैंड के पटाया में आयोजित ओपन इंटरनेशनल योगासन प्रतियोगिता में 42 से 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में पंपा ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने नौ देशों के 45 प्रतिभागियों को पीछे छोड़कर यह उपलब्धि हासिल की।पंपा के मुताबिक पश्चिम बंगाल से इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 49 खिलाड़ी शामिल हुए थे। राज्य के खिलाड़ियों ने कुल 19 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक जीते। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को निर्धारित अनिवार्य और वैकल्पिक योगासनों के आधार पर अंक दिए गए। पंपा ने अपने वर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया।हालांकि अंतरराष्ट्रीय सफलता के बावजूद पंपा का कहना है कि उन्हें सरकारी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में चयन का मौका नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि जिला और राज्य स्तर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी कभी आसन सही तरीके से नहीं करने तो कभी पैर की स्थिति ठीक नहीं होने जैसे कारण बताकर राष्ट्रीय स्तर पर चयन से रोक दिया जाता है।पंपा ने कहा कि ओपन इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में देश और राज्य का प्रतिनिधित्व कर खिलाड़ी अपनी प्रतिभा साबित कर रहे हैं। ऐसे में सरकारी स्तर पर योगासन खिलाड़ियों के प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन होना चाहिए।उन्होंने राज्य सरकार से योगासन को उचित महत्व देने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराने की अपील की। साथ ही पंपा ने अपने जैसे महिला खिलाड़ियों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।पंपा ने बताया कि परिवार और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच अभ्यास जारी रखना आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने मेहनत नहीं छोड़ी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता हासिल की। अब उनकी उम्मीद है कि उनकी उपलब्धि को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर मिलेगा।
थाईलैंड में तिरंगा ऊंचा करने वाली पंपा की पीड़ा, अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण के बाद भी राष्ट्रीय चयन से बाहर होने का आरोप

