न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 21 सितंबर जामताड़ा। झालसा रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार जामताड़ा की ओर से सोमवार को कुंडहित स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार अध्यक्ष राधा कृष्ण तथा सचिव पवन कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना था।शिविर में प्राधिकार के एलएडीसी सदस्य उत्तम कुमार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए संविधान में दिए गए मौलिक अधिकार, समानता और सम्मान के साथ जीवन जीने के अधिकार की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अधिकारों की समझ के साथ नागरिकों को अपने कर्तव्यों का भी बोध होना जरूरी है। लैंगिक समानता पर जोर देते हुए उन्होंने लड़के और लड़कियों को समान अवसर, सम्मान एवं अधिकार देने की आवश्यकता बताई।उत्तम कुमार ने बाल विवाह के दुष्परिणामों की चर्चा करते हुए कहा कि कम उम्र में विवाह से बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने छात्राओं को हिंसा, छेड़छाड़, उत्पीड़न, भेदभाव अथवा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। जरूरत पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार से निःशुल्क कानूनी सहायता लेने की जानकारी भी दी गई।कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों तथा सड़क दुर्घटना दावा वाद से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला गया। छात्राओं को नालसा हेल्पलाइन 15100 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी गई।इस अवसर पर छात्राओं ने लैंगिक समानता विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर बालिकाओं के अधिकारों और सामाजिक बराबरी का संदेश दिया। विद्यालय की वार्डन प्रतिमा कुमारी ने भी छात्राओं को कानून एवं शिक्षा के प्रति सजग रहने की सलाह दी।मौके पर रेणुका किस्कू, सुप्रिया मंडल, लिलि, रूपाली मुर्मू, मोनिका मरांडी, कोनिका दास, शिउली मंडल तथा पीएलवी अमित कुमार सिंह, दुलाल चंद्र, नोनीगोपाल, सीमा घोष, किशोर सोरेन और समीर कुमार मंडल सहित अन्य उपस्थित रहे।
कानूनी अधिकारों से रूबरू हुईं कुंडहित की छात्राएं, नुक्कड़ नाटक से दिया लैंगिक समानता का संदेश

