चित्तरंजन की 14 वर्षीय मंदिरा गांगुली ने अभिनय में रचा नया मुकाम, बनीं ‘सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री’

न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 2 अक्टूबर चित्तरंजन। रेलनगरी चित्तरंजन की उभरती बाल कलाकार मंदिरा गांगुली ने अपने अभिनय कौशल से एक बार फिर शहर का नाम रोशन किया है। चिरेका के राजभाषा विभाग की ओर से 25 अगस्त को टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित क्षेत्रीय स्तर की हिंदी नाटक प्रतियोगिता-2026 में मंदिरा ने शानदार अभिनय का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में प्रस्तुत नाटक ‘पुतुल का संसार’ में उत्कृष्ट अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से नवाजा गया।29 सितंबर को चिरेका क्लब हाउस में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में चित्तरंजन रेल कारखाना के महाप्रबंधक मोहित चंद्रा ने मंदिरा को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। महज 14 वर्ष की उम्र में मिली यह उपलब्धि मंदिरा के अभिनय सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।मंदिरा बंगाली मनोरंजन जगत में भी अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने जी बांग्ला, स्टार जलसा, कलर्स बांग्ला जैसे प्रमुख टेलीविजन चैनलों के अलावा होइचोई ओटीटी प्लेटफॉर्म पर विभिन्न धारावाहिकों और वेब सीरीज में अभिनय किया है। उनके अभिनय से जुड़े प्रमुख प्रोजेक्ट्स में बोकुल कथा, एई पथ जोदी ना शेष होय, देवी चौधरानी, दुई सालिक, तुमी के आमार मा तथा पांच फोरोन जैसी प्रस्तुतियां शामिल हैं।अभिनय के साथ मंदिरा सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय हैं। फिलहाल वह सिमजुड़ी दुर्गापूजा कमेटी की सांस्कृतिक सचिव के रूप में पूजा के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटी हैं। इसके अलावा वह चित्तरंजन के बसंती इंस्टीट्यूट के आंतरिक थिएटर से भी जुड़ी हुई हैं।मंदिरा के पिता अबीर गांगुली चिरेका कर्मी होने के साथ सिमजुड़ी दुर्गापूजा कमेटी के महासचिव भी हैं और पूजा आयोजन की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मंदिरा की इस उपलब्धि से परिवार और चित्तरंजन के सांस्कृतिक जगत में खुशी का माहौल है।

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