न्यूज 61 लाइव संवाददाता काजल राय चौधरी 2 अक्टूबर जामताड़ा। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, जामताड़ा जिला की बैठक होटल एकता के सभागार में हुई। बैठक में आंदोलनकारियों के सम्मान, पेंशन, उनके बेटा-बेटियों के अधिकार सहित विभिन्न मांगों को लेकर 29 सितंबर को निकाले गए मशाल जुलूस और 30 सितंबर के राज्यव्यापी कार्यक्रम की समीक्षा की गई। साथ ही भविष्य में जाति, धर्म और राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर आंदोलन को व्यापक बनाने का निर्णय लिया गया।मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि जामताड़ा झारखंड आंदोलनकारियों के संघर्ष की महत्वपूर्ण भूमि रही है। उन्होंने सरकार से आंदोलनकारियों के संघर्ष और झारखंड की मूल भावना के अनुरूप ठोस पहल करने की मांग की। उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को झारखंड आंदोलनकारियों का सर्वोच्च सम्मान देने की मांग भी उठाई। शिबू सोरेन को 2026 में मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है।महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि आंदोलनकारियों को अपनी पहचान, सम्मान पेंशन और उनके बच्चों के अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, यह चिंताजनक स्थिति है। दुमका प्रमंडल अध्यक्ष जीतन कोल ने खनिज संपदा पर 26 प्रतिशत रॉयल्टी सहित झारखंडियों के अधिकारों की मांग उठाई।वरीय आंदोलनकारी महेंद्र टुडू ने कहा कि झारखंड में खनिज और कृषि के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने संसाधनों का बेहतर उपयोग कर राज्य के विकास की दिशा में काम करने पर जोर दिया।बैठक के अंत में जिला अध्यक्ष नारायण मंडल की मां स्वर्गीय गुलाबी देवी के निधन पर उपस्थित सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।मौके पर जैनुल अंसारी, इंसान अंसारी, लड्डू पांडेय, लश्कर टुडू, जमाल हुसैन, रघुनाथ सिंह, राजेश किस्कू, पंकज मंडल, नारायण महतो, मनजीत सिंह और सुदामा महतो समेत अन्य आंदोलनकारी उपस्थित थे।
झारखंड आंदोलनकारियों ने उठाई सम्मान, पेंशन और आश्रितों के अधिकार की मांग, जामताड़ा में हुई बैठक

